
ग्रेटर नोएडा. हाईटेक सिटी का एक गांव आजादी के बाद से अभी तक बिजली के लिए तरस रहा था। बिजली की वजह से ज्यादातर परिवार दूसरे गांव मेंं शिफ्ट कर गए थे। मजेदार बात यह है कि देश के कई राज्यों को बिजली देने वाला पावर प्लांट भी चंद कदमों की दूरी पर मौजूद है। उसके बाद भी बिजली दाके लिए ग्रामीणों को 71 साल का लंबा इंतजार करना पड़ा है। गांव में बिजली न आने की वजह से ग्रामीणों को मोबाइल चार्ज करने, टीवी पर आने वाले खास कार्यक्रम को देखने के लिए दूसरे गांव में जाना पड़ता था। लेकिन जब उनके गांव बल्ब जले तो ग्रामीणों के चेहरे पर खुशी झलक पड़ी।
पावर प्लांट के 5 किलोमीटर दूरी है गांव
यूपी के गौतमबुद्धनगर जिले में स्थित एनटीपीसी पावर प्लांट से लगभग 5 किलोमीटर दूरी पर लोधीपुरा गांव है। गांव मेंं अभी तक बिजली नहीं थी। लिहाजा ग्रामीणों को लालटेन का सहारा लेना पड़ता था। कुछ समय पहले ही एनटीपीसी की तरफ से सोलर लाइट लगाई गई थी। यहां 26 अगस्त को पहली बार लाइट पहुंची थी। गांव में केंंद्र सरकार की प्रधानमंत्री की सौभाग्य योजना के तहत निशुल्क लाइट दी गई थी। लंबे समय से ग्रामीणों को बिजली का इंतजार था। ग्र्रामीणों की माने तो गांव में बिजली को लेकर लंबे समय से मांग की जा रही थी। बिजली के लिए पहले भी पीएम, सीएम, डीएम, बिजली विभाग के अफसरों से गुहार लगा चुकेे थे। उसके बाद भी आजादी के 71 साल बाद तक ग्रामीणों को लंबा इंतजार करना पड़ा था।
ग्रामीणों ने बताया कि दादरी विधायक तेजपाल नागर से बिजली के लिए गुहार लगाई थी। उन्होंने बताया कि विधायक की पहल की बाद में बिजली के अधिकारियों ने बिजली दी। बिजली न होने की वजह से गांव के लोग लालटेन का सहारा लेकर जिंदगी गुजार रहे थे, जबकि उनके गांव से महज डेढ़ किलामीटर की दूरी पर रानी-लतीफपुर गांव में बिजली जलती थी। फिलहाल गांव के अशोक, मनवरी भाटी, राजवीर, राजपाल, अशोक कुमार, राजन आदि को मुफ्त में बिजली का कनेक्शन दिया गया है। बिजली न होने की वजह से काफी परिवार पास के गांव रानी लतीफपुर और बढ़पुरा में शिफ्ट कर गए थे।