ग्रेटर नोएडा

नशे में जीवन बर्बाद करने वाले युवाओं के लिए प्रेरणास्त्रोत बने ये युवा

क्राइम फ्री इंडिया फोर्स संगठन की मुहिम दिखा रही भटके हुए युवाओं को रास्ता
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ग्रेटर नोएडा. वर्तमान परिवेश और पश्चिमी कल्चर के चलते युवाओं में तेजी से नशे की लत लग रही है। इस नशे के कारण जहां देश में क्राइम का ग्राफ बढ रहा है। वहीं असमय ही लोग अपनी जान भी गवां रहे हैं। भटके हुए ऐसे युवाओं को रास्ते पर लाने का सपना ग्रेटर नोएडा के कासना गांव के अमित पहलवान ने देखा था। अमित पहलवान की मानें तो धीरे—धीरे उनका सपना साकार भी हो रहा है। क्राइम फ्री इंडिया फोर्स संगठन नींव रखने वाले अमित बताते हैं अब उनके संगठन में 40 हजार से ज्यादा पदाधिकारी हैं, जो देशभर में शराब के खिलाफ अभियान चलाए हुए हैं। खास बात यह भी है कि इनके संगठन में 2 हजार से ज्यादा ऐसे भी युवा हैं, जो कि पहले शराब का सेवन या फिर नशे के कारोबार से जुड़े हुए थे। वे भी आज समाज में भटके हुए युवाओं के लिए प्रेरणास्त्रोत बन रहे हैं।

क्राइम फ्री इंडिया फोर्स संगठन के संस्थापक अमित पहलवान ने बताया कि गौतमबुद्धनगर की सीमा हरियाणा से सटी होने की वजह से यहां शराब का काला कारोबार होता है। पुलिस और आबकारी विभाग के अफसरों की मिलीभगत से लगातार हरियाणा से जहरीली शराब की तस्करी की जा रही है। युवा नशे की चपेट में आकर अपनी जान गवां रहे हैं। उन्होंने बताया कि गौतमबुद्धनगर में जहरीली शराब से आए दिन मौत होती हैं। जिसे देखते हुए उन्होंने युवाओं को रास्ते पर लाने के लिए एक संगठन खड़ा किया। 2008 में समाज को नशा, सामाजिक कुरीतियों और भ्रष्टाचार मुक्त करने के लिए संगठन की स्थापना की थी। कम ही समय मेंं संगठन से लोग जुड़ते चले गए। उन्होंने बताया कि यूपी, दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, पंजाब समेत 10 से अधिक राज्य के लोग संगठन से जुड़े हुए हैं।

हजारों युवा मुक्त हो चुके हैं नशे से

अमित पहलवान ने बताया कि देशभर में संगठन 41 हजार 500 लोग रजिस्टर्ड हैं। इसके अलावा समाज में फैली कुरीतियों को दूर करने के लिए और भी लोग जुड़े हुए हैं। उन्होंने बताया कि संगठन में ऐसे भी युवा हैं, जो नशे के आदी थे। पहले नशे के प्रति युवाओं को जागरूक किया गया। साथ ही गांव—गांव जाकर नशे के आदी हो चुके लोगों की काउंसिलिंग भी कराई गई। उन्होंने बताया कि 2 हजार से ज्यादा लोगों नशा छोड़ चुके हैं। संगठन की तरफ से इनकी काउंसिलिंग कराई गई थी। खास बात यह भी है कि नशा छोड़ चुके ये युवा, दूसरों को शराब छोड़ने की प्रेरणा दे रहे हैं।

जहरीली शराब का काला कारोबार

दरअसल में खादर एरिया से हरियाणा मार्का की शराब की तस्करी जोरोंं पर है। हरियाणा की शराब के साथ—साथ कच्ची और जहरीली शराब भी जिले में बेची जा रही है। देहात को छोड़ दिया जाए तो शहरी एरिया में भी हरियाणा और कच्ची शराब की डिमांड है। यूपी में शराब महंगी और हरियाणा में सस्ती होने की वजह से भी तस्करी की जा रही है। कम रेट पर मिलने की वजह से भी लोग हरियाणा से तस्करी कर लाई गई शराब को पीते हैं। नोएडा और ग्रेटर नोएडा में कंस्ट्रक्शन साइट होने से हरियाणा की देशी और कच्ची शराब का काला कारोबार फल—फूल रहा है। तस्कर मिलावटी शराब की सप्लाई करते हैं। यह खेल पुलिस और आबकारी विभाग की मिलीभगत से खेला जा रहा है। जहरीली और मिलावटी शराब की बिक्री की वजह से आए दिन लोग जान भी गवां रहे हैं। इनके नेक्सस को तोड़ने के लिए क्राइम फ्री इंडिया फोर्स के पदाधिकारियों ने मुहिम शुरू की हुई है।

ड्रग्स के खिलाफ भी छेड़ी हुई है यह मुहिम

उन्होंने बताया कि पंजाब में भी लोग नशेे के कारोबार में संलिप्त हैं। अफगानिस्तान और पाकिस्तान का बॉर्डर सटा होने की वजह से अफीम समेत अन्य ड्रग्स की तस्करी जोरों पर होती है। पंजाब में बड़ी संख्या में संगठन के पदाधिकारी ड्रग्स के कारोबार में लिप्त लोगों को जागरुक कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि पंजाब में लगातार संगठन से युवा जुड रहे हैं। साथ ही उसका फायदा भी मिल रहा है।

23 जनवरी को होगा राष्ट्रीय सम्मेलन

अमित पहलवान ने बताया कि नेताजी सुभाषचंद्र बोस की जंयती पर हर साल संगठन का राष्ट्रीय सम्मेलन किया जाएगा। इसमें देशभर से संगठन के पदाधिकारी शामिल होंगे।

Published on:
11 Jan 2018 09:56 am
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