
STP cleaning toxic gas death Noida: दिल्ली से सटे ग्रेटर नोएडा के सेक्टर 150 स्थित एक हाउसिंग सोसाइटी में शनिवार देर रात दर्दनाक हादसा सामने आया है। सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) टैंक की सफाई के दौरान जहरीली गैस की चपेट में आने से दो लोगों की जान चली गई। घटना नॉलेज पार्क थाना क्षेत्र की एल्डिको सोसाइटी की है।
वहीं, इस घटना के बारे में पुलिस ने बताया है कि टैंक की सफाई करने वाले शख्स राजस्थान के करौली का रहने वाले थे। 40 साल का शशिकांत शर्मा सोसाइटी के एसटीपी टैंक में उतरे थे, लेकिन जहरीली गैस से उनका दम घुटने लगा और वे अंदर ही बेहोश हो गए। उन्हें तड़पता देख सोसाइटी में तैनात 22 साल का सुरक्षाकर्मी आकाश (निवासी फिरोजाबाद) बिना अपनी जान की परवाह किए उन्हें बचाने के लिए टैंक में कूद पड़ा, लेकिन वह भी जहरीली गैस की चपेट में आकर अचेत हो गया।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और अग्निशमन विभाग (फायर ब्रिगेड) की टीम मौके पर पहुंची। दोनों को कड़ी मशक्कत के बाद बाहर निकालकर तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। फिलहाल पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है और मामले की जांच की जा रही है।
बता दें कि सीवर और सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान सुरक्षा नियमों की अनदेखी से होने वाले हादसे कोई नई बात नहीं हैं। हाल के महीनों में ग्रेटर नोएडा में पानी से भरे खुले गड्ढे में गिरने से एक 6 साल के मासूम की दर्दनाक मौत ने प्रशासन की लापरवाही पर सवाल खड़े किए थे। वहीं, जून की शुरुआत में दिल्ली के मुंडका इंडस्ट्रियल एरिया स्थित एक प्रिंटिंग प्रेस फैक्ट्री में सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान जहरीली गैस की चपेट में आने से सुल्तानपुरी निवासी अरुण, संदीप और चांद की मौके पर ही मौत हो गई थी। इन घटनाओं ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया कि सीवर और टैंक की सफाई के दौरान सुरक्षा उपकरण, गैस जांच और तय मानकों का पालन न होने की कीमत मजदूरों को अपनी जान देकर चुकानी पड़ रही है। बावजूद इसके, ऐसे हादसे लगातार सामने आ रहे हैं, जिससे सुरक्षा व्यवस्था और जिम्मेदार एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।