ग्रेटर नोएडा की बीटा-2 कोतवाली में तैनात एक के बाद एक पांच पुलिसकर्मी एक महीने के दौरान सड़क हादसों का शिकार हुए हैं। इससे अन्य पुलिसकर्मी सहमे हुए हैं। उन्हें किसी अनजाने संकट की आशंका सता रही है। इस संकट से मुक्ति पाने के लिए सभी पुलिसकर्मी अब भगवान की शरण में हैं।
बड़े बड़े मसलों को चुटकी में हल कर देने वाली यूपी पुलिस पर जब संकट आता है, तब उसे केवल भगवान का सहारा ही नजर आता है। ऐसे ही संकटों से जूझ रही कोतवाली बीटा-2 के पुलिसकर्मियों ने कोतवाली में ही यज्ञ हवन का आयोजन कर भगवान से संकट दूर करने और उन्हें सुरक्षित रखने के लिए प्रार्थना की। बता दें कि पुलिसकर्मियों को इस बात का अंदेशा सता रहा था कि कोई संकट उनके उनके ऊपर मंडरा रहा है। यही कारण है कि कोतवाली में तैनात एक के बाद एक पांच पुलिसकर्मी एक महीने के दौरान सड़क हादसों का शिकार हुए हैं।
ग्रेटर नोएडा की बीटा-2 कोतवाली में आयोजित हवन यज्ञ में पंडित ने मंत्रोच्चारण के बीच पुलिसकर्मियों स्वाहा बोलकर आए संकट को दूर करने के लिए भगवान से प्रार्थना की। कोतवाली में तैनात एक के बाद एक पांच पुलिसकर्मी एक महीने में सड़क हादसों का शिकार हुए हैं। अप्रैल में सबसे पहले जगत फार्म चौकी इंचार्ज हरि सिंह फिर एच्छर चौकी इंचार्ज विशाल सड़क हादसे का शिकार हुए। विशाल के हाथ में पांच टांके लगे। दोनों चौकी इंचार्ज के अलावा तीन अन्य पुलिसकर्मी भी सड़क हादसे का शिकार हुए। ऐसे में पुलिसकर्मियों को यह डर सताने लगा कि उनके ऊपर कोई न कोई संकट जरूर है।
अब भगवान ही सहारा
सड़क हादसों को रोकना भी इन पुलिसकर्मियों का ही ड्यूटी है, लेकिन यह कोई आपराधिक वारदात का मसला नहीं है कि एनकाउंटर कर मसले का हल कर दिया जाए। हादसा तो कभी भी कहीं भी हो सकते हैं। ऐसे में तो सिर्फ भगवान का ही सहारा नजर आता है। इसीलिए खाकी वर्दी वाले भगवान की शरण में पहुंचे और यज्ञ कर विपत्ति को दूर करने के लिए प्रार्थना की।
पहले मंदिर बनवाकर हादसों पर लगाई थी लगाम
ऐसा नहीं कि भगवान प्रार्थना को सुनते नहीं, कुछ साल पहले कोतवाली सेक्टर-24 पुलिस के सामने भी ऐसा ही संकट आया था। तब वर्तमान सिटी सेंटर अस्तित्व में नहीं आया था और वहां चौराहा हुआ करता था। आए दिन होने वाले हादसों के कारण चौराहा खूनी चौराहा के रूप मशहूर हो गया था। जब इन हादसों को रोकने में पुलिस कामयाब नहीं हो पायी, तब वहां पटरी पर हनुमान का मंदिर बनाया गया और हादसों पर रोक लग गई। जिसके बाद पुलिस ने राहत की सांस ली।