इस हादसे के बाद इलाके में रह रहे लोगों में खौफ
ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा के वेस्ट में स्थित शाहबेरी गांव में दो बिल्डिंग धराशाही होने से दर्जनों लोग दब गए। अबतक मलवे से 9 शवों को निकाल लिया गया है। जिनमे पांच शवों की पहचान उनके परिजनों ने कर ली है। वैसे ये इस इलाके में केवल एक दो नहीं बल्कि सैकड़ों बिल्डिंग का अवैध रूप से निर्माण कर रखा है और अंडर कंस्ट्रक्शन है। प्राधिकरण द्वारा चेतावनी देने के बाद भी लोगों ने ऑखों पर पट्टी बांधकर ये ऊंची-ऊंची इमारतें बनाकर खड़ी करली है और कंस्ट्रक्शन चल भी रहा है। अगर ऐसी लापरवाही न होती तो आज इतने लोगों की जान न जाती।
आस-पास के लोगों का कहना है कि यहां प्राधिकरण द्वारा चेतावनी का बोर्ड भी लगवाया गया है, लेकिन बावजूद इसके बिल्डर चेतावनी की धज्जियां उड़ाते हुए जमीन की खरीद-परोख्त कर ऊंची-ऊंची इमारतें बना रहे है और धज्जियां भी इस तरह उड़ाई जा रही हैं कि फैल्ट बनाने में घटिया सामानों का प्रयोग कर लोगों को सस्ते दामों में बेच रहे हैं। जिसका नतिजा सबके आसने है। इस घटना में अब तक कितने लोगों ने जान गवाई है बताना मुश्किल हो रहा है। लेकिन अब तक नौ शव बरामद कर लिए गए हैं और एनडीआरएफ 36 घंटे से लगातार बचाव कार्य में लगी हुई है। बाबजूद इसके बिल्डिंग मालिकों ने कोई सवक नही सीख रहे हैं। इन मालिकों को किसी प्रकार की कोई अनहोनी का कोई डर नही है। वही आस-पास के लोग इन बिल्डिंगों से कैसे परेशान और डरे सहमे हुए है, उनकी जुबानी सुनिए।
यहां के निवासियों का कहना है कि ये पैसे वालों ने प्राधिकरण की मिली भगत से सिर्फ किराये के लालच में कई-कई मंजिल इमारत अवैध रूप से खड़ी कर ली है। जिससे उन्हें हमेशा डर रहता है। तूफान, भूकंप औऱ कोई प्राकृतिक गतिविधि होती है तो जान-माल का खतरा अपने सर पर मंडराता दिखाई पड़ता है। अगर प्राधिकरण इसपर चेतावनी के बोर्ड तो लगा देता है, लेकिन कार्यवाही कुछ नहीं होती। लोगों का कहना है कि अगर प्राधिकरण एक्शन में आ जाये तो बीती रात हुई घटना जैसी अनहोनी पर लगाम लग सके। ये पहली बार नहीं है न जाने कितनी बार अवैध रूप से निर्माणाधीन बिल्डिंग धराशाही हुई है।
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