ग्रेटर नोएडा

मुलायम सिंह यादव के इस प्रोजेक्ट की वजह से केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेताओं के गांव में घुसने पर लगी रोक

प्रशासन की तरफ से लाठी भांजने के बाद भी किसानों की सुध न लेने का आरोप सांसद व केंद्रीय मंत्री पर ग्रामीणों ने लगाया है

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मुलायम सिंह यादव के इस प्रोजेक्ट की वजह से केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेताओं के गांव में घुसने पर लगी रोक

ग्रेटर नोएडा. कचैड़ा गांव में किसानों के साथ हुए लाठी चार्ज के विरोध में ग्रामीणों ने पुलिस और प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। साथ ही भाजपा सांसद केंद्रीय मंत्री व विधायक पर भी गुस्सा निकाल रहे है। गांव के बहार ग्रामीणों ने भाजपा नेताओं की एंट्री बैन का बोर्ड लगा दिया है। मजेदार बात यह है कि इस गांव को केंद्रीय मंत्री ने गोद लिया हुआ है। ग्रामीणों को आरोप है कि वेब सिटी बिल्डर द्वारा हाईटेक सिटी बनाने के नाम पर बिना उचित मुआवजा दिये जमीन का अधिग्ररण कर लिया है। अब विरोध करने पर पुलिस से पिटवाया जा रहा है। ग्रामीणों को जेल भेजा जा रहा है। भाजपा नेता पूरे मामले में मौन है।

डेढ़ साल पहले लिया था गांव को गोद, सालों पहले बिल्डर को दी थी जमीन

कचैड़ा वारसाबाद गांव को डेढ़ साल पहले आदर्श गांव बनाने के लिए गौतम बुद्ध नगर सीट से सांसद व केंद्रीय मंत्री डॉक्टर महेश शर्मा ने गोद लिया था। आज उसी गाँव के लोग अपनी समस्या को लेकर जूझ रहे। ग्रामीण आकाश नागर ने बताया कि गांव में सौर लाइट तो सांसद की तरफ से लगाई गई। इसके अलावा कोई कार्य नहीं किया गया है। किसान अपनी मांगों को लेकर वेबसिटी के खिलाफ शांतिपूर्ण तरीके से धरना प्रदर्शन कर रहे है। किसानों पर पुलिस प्रशासन द्वारा मुकदमे दर्ज कर उन्हें जेल भेजा रहा है। विरोध करने पर उनके साथ मेंं मारपीट की जा रही है। जिससे नाराज किसानों ने बीजेपी सांसद डॉक्टर महेश शर्मा और बीजेपी के खिलाफ नारेबाजी करते हुए गांव के बाहर भाजपा नेताओं की एंट्री बैन की है।

यह है विवाद

ग्रामीण आकाश नागर ने बताया कि कचैड़ा गांव की जमीन को वेबसिटी बिल्डर ने हाईटेक सिटी बसाने के लिए 2005 में एक्वायर किया था। उस समय मुलायम सिंह यादव की यूपी में सरकार थी। कचैड़ा में वेब सिटी बिल्डर द्वारा हाईटेक सिटी का काम चल रहा है। किसानों का आरोप है कि बिल्डर द्वारा गलत तरीके से किसानों की जमीन खरीद कर बोई हुई फसल पर बुल्डोजर चला दिया है। जिससे फसल को नुकसान हुआ है। किसान अपनी जमीन का उचित मुआवजे की मांग कर रहे है। उन्होंने बताया कि जमीन अधिग्रहण करते समय प्रशासन व बिल्डर की तरफ से गांव का विकास करने, प्लॉट समेत युवाओं को रोजगार देने की बात कहीं थी। लेकिन बिल्डर की तरफ से किया गया वादा पूरा नहीं किया गया है। जिसके विरोध में किसान आ गए है।

किसानों ने ऐलान किया है कि उनकी मांगें पूरी नहीं की गई तो बिल्डर का काम चालू नहीं होने दिया जाएगा। आरोप है कि पिछले दो दिनों से ग्रामीण विरोध में धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। 2 दिन पहले पुलिस प्रशासन ने लगभग 50 किसानों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। लगभग डेढ़ सौ से ज्यादा लोगों के खिलाफ कई धाराओं में मामला दर्ज कर किया गया है। इस बात से नाराज ग्रामीणों ने फिर बात से नाराज ग्रामीणों ने भाजपा सरकार के खिलाफ नारेबाजी की है। ग्रामीणोंं का आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने उनपर लाठी भी भांजी है। सांसद की तरफ से गोद लेने के बाद भी कोई उनकी नहीं सुन रहा है। सांसद व विधायक के गांव न पहुंचने से नाराज ग्रामीणों ने भाजपा के नेताओं की एंट्री बैन कर दी है।

Published on:
29 Oct 2018 10:02 am
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