ग्रेटर नोएडा

वाहनों में अब चलते-चलते नहीं लगेगी आग, बस इस्तेमाल करें ये अनोखा डिवाइस

ग्रेटर नोएडा दो इंजीनियरिंग छात्रों ने व्हीकल हीट अलर्ट डिवाइस बनाया है। जैसे ही व्हीकल में आग लगने वाली होगी तो यह यह डिवाइस पहले ही चालक को अलार्म बजाकर अलर्ट कर देगा। इससे वाहन भी बचा रहेगा और आप भी सुरक्षित रहेंगे। बता दें कि इस डिवाइस को फिलहाल इलेक्ट्रिक व्हीकल के मद्देनजर बनाया गया है।
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Updated: 24 Aug 2022, 11:05 AM IST
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वाहनों में चलते-चलते आग लगना आम बात हो गया है। अक्सर देखा जाता है कि वाहन लगातार अधिक दूरी तय करता है या फिर गर्मी के चलते इंजन गर्म होने से आग लग जाती है। इन घटनाओं में वाहन तो जलते ही हैं, साथ ही जान का खतरा भी बना रहता है। लोगों की इसी समस्या को देखते हुए ग्रेटर नोएडा स्थित एक यूनिवर्सिटी के दो इंजीनियरिंग छात्रों ने व्हीकल हीट अलर्ट डिवाइस बनाया है। जैसे ही व्हीकल में आग लगने वाली होगी तो यह यह अनोखा डिवाइस पहले ही अलार्म बजाकर अलर्ट कर देगा। इससे वाहन भी बचा रहेगा और आप भी सुरक्षित रहेंगे। बता दें कि इस डिवाइस को खासतौर से इलेक्ट्रिक व्हीकल के मद्देनजर बनाया गया है।

बता दें कि इंजीनियरिंग छात्र सुधांशु और प्रांजल ने जो व्हीकल हीट अलर्ट डिवाइस ईजाद किया है, उसका प्रदर्शन जून में ही सूक्ष्म, लघु व मध्‍यम उद्योग मंत्रालय द्वारा आयोजित आइडिया हैकाथॉन में किया गया था। एमएसएमई ने दोनों छात्रों के इस प्रोजेक्ट की सफलता 95 प्रतिशत बताते हुए प्रोत्साहन के तौर पर 15 लाख रुपये का अनुदान दिया है। इस तरह सुधांशु और प्रांजल के डिवाइस का एमएसएमई की प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग एंड एडवाइजरी कमेटी ने चयन कर लिया है। फिलहाल इस डिवाइस का इस्तेमाल इलेक्ट्रिक वाहनों में किया जाएगा और लोग सुरक्षित सफर कर सकेंगे।

150 डिग्री से अधिक तापमान में रहती है फटने की आशंका

सुधांशु और प्रांजल ने इस डिवाइस को बनाने के लिए सबसे पहले यह पता किया कि इलेक्ट्रिक वाहनों में आग लगने के कारण कौन-कौन से हैं। उन्होंने पाया कि जिन भी वाहनों में आग लगी थी, उनमें बैटरी वाले पैनल का तापमान काफी अधिक था। इससे सेल फटने के साथ शॉर्ट-सर्किट की आशंका बनती है। वहीं ईवी में लगी लिथियम आयरन बैटरी चलने पर काफी गर्म हो जाती है और तापमान 150 डिग्री तक पहुंचने पर फटने की आशंका अधिक होती है।

स्वदेशी चीजों से बनाया डिवाइस

सुधांशु और प्रांजल ने बताया कि सबसे पहले इसके लिए उन्होंने तापमान पर नजर रखने वाला सॉफ्टवेयर बनाया। जैसे ही वाहन का तापमान तय सीमा से ऊपर पहुंचता है तो यह चालक काे अलार्म बजाकर अलर्ट कर देता है। छात्रों ने बताया कि इस डिवाइस का निर्माण स्वदेशी चीजों से किया गया है।

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