सपा सरकार में एक बार हो चुकी है जांच, पांच लोगों को किया गया था निलंबित
ग्रेटर नोएडा।उत्तर प्रदेश के इस जिले में प्राधिकरणों में अधिकारियों द्वारा घोटालों के सामने आने के बाद अब इस बसपाा के शासनकाल में हुर्इ भर्तियों को लेकर भी जांच शुरू हो गर्इ है।वहीं यह बात सामने आते ही गौतमबुद्धनगर में हड़कंप मच गया है।आप को बता दें कि यह जांच मायावती शासनकाल में हुर्इ भर्तियों को लेकर दोबारा से शुरू हुर्इ है। इस जांच की वजह शासन में नियोजन में प्रबंधक की भर्ती को लेकर शिकायत होना है।
इस वर्ष आैर शासनकाल की भर्तियों को लेकर शुरू हुर्इ जांच
दरअसल वर्ष 2002 में ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण में हुर्इ भर्तियों की शासन ने दोबारा जांच शुरू करने के आदेश दिए हैं। आरोप है कि इस भर्ती में चालीस लोग विभिन्न पदों पर फर्जी दस्तावेजों से नियुक्ति हुए थे। जिसके लेकर मायावती शासन में ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण कार्यालय में नियोजन विभाग के प्रबंधक की भर्ती को लेकर शिकायत हुर्इ थी। आरोप लगाया गया था कि सरकारी नौकरी पाने के लिए सिक्किम से लेकर पंजाब निवासी कर्इ युवक अनुसूचित जनजाति का लाभ लेकर नियोजन विभाग में भर्ती हो गये थे।ये भर्तियां आज से 16 साल पूर्व में हुर्इ थी।
सपा सरकार ने कर दिया था बर्खास्त अब योगी सरकार में फिर शुरू हुर्इ जांच
ये सभी नियुक्तियां मायावती शासनकाल के दौरान हुई थीं। जिसके बाद इसका पता लगने पर जांच हुर्इ। इसमें गड़बड़ी मिलने पर प्रदेश में बनी सपा सरकार ने पांच लोगों काे बर्खास्त कर दिया था। जिसके इन लोगों ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया।लेकिन उन्हें यहां से भी कोर्इ राहत नहीं मिल थी। वहीं अब फिर से योगी सरकार से इस मामले में शिकायत की गर्इ।जिसके बाद शासन ने वर्ष 2002 में की समस्त भर्तियों की जांच के आदेश जारी कर दिए है।