सीबीएसई बोर्ड के 10वीं के रिजल्ट में ऋतु ने 96.8 प्रतिशत अंक हासिल किया है।
ग्रेटर नोएडा. उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले की रहने वाली ऋतु सोलंकी ने परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक न होने के बाद भी एक मिसाल कामय की है। कोरोना वारयस के प्रकोप के बाद लगे लॉकडाउन के दौरान ऑनलाइन क्लास शुरू हुई तो ऋतु के पिता के सामने स्मार्टफोन की समस्या खड़ी हो गई। पिता ने किसी तरह उधार लेकर बेटी को स्मार्ट फोन दिलाया। परेशानियों के बीच रहकर भी ऋतु ने 96.8 प्रतिशत अंक प्राप्त कर स्कूल में टॉप किया है।
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ऋतु मूलरुप से बुलंदशहर के चचोई गांव की रहने वाली हैं। ऋतु नोएडा स्थित सावित्रीबाई फूले इंटर कॉलेज में पढ़ती हैं। मंगलवार को आए सीबीएसई बोर्ड के 10वीं के रिजल्ट में ऋतु ने 96.8 प्रतिशत अंक हासिल किया है। सबसे अहम बात ये है कि ऋतु के पिता दानवीर सिंह सोलंकी उसी कॉलेज में सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी करते हैं।
सावित्रीबाई फूले इंटर कॉलेज की प्रिंसिपल प्रीति फोगाट ने कहा कि ऋतु ने 2011 में कॉलेज में फर्स्ट क्लास में एडमिशन लिया था। तभी से यहां पढ़ाई कर रही है। उन्होंने यह भी बताया कि ऋतु पढ़ाई में अच्छी है। फर्स्ट क्लास से लेकर अभी तक उसने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है।
उधार लेकर दिलाया था फोन
ऋतु घर में एक छोटा भाई भी है। दोनों भाई-बहन गौतमबुद्धनगर जिले के ग्रेटर नोएडा में रहकर सरकारी स्कूल में पढ़ाई कर रहे हैं। ऋतु ने बताया कि उनके परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। कोरोना के दौरान स्कूलों में ऑनलाइन पढ़ाई शुरू हुई। लेकिन उनके सामने मोबाइल फोन खरीदने की समस्या खड़ी हो गई। पिता ने अपने दोस्तों से उधार रुपये लेकर ऋतु सोलंकी को मोबाइल खरीदकर दिया। ताकि उसकी पढ़ाई प्रभावित न हो। परिवार की हालात ठीक न होने की वजह से ऋतु ने कभी ट्यूशन भी नहीं लिया।
आईएएस बनने का है सपना
ऋतु ने बात करते हुए कहा कि शुरू से ही उन्हें घर और टीचरों का पढ़ाई में पूरा सहयोग मिला है। टीचरों ने उनकी हर मुश्किल को आसान किया है। ऋतु का कहना है कि वो आगे चलकर आईएएस बनना चाहती हैं।
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