जेल में मचा हड़कंप तो पुलिसकर्मियों ने मिलने से लगा दी रोक
ग्रेटर नोएडा. रक्षाबंधन के त्योहार पर हर कोर्इ बहन अपने भार्इ से मिलना चाहती हैं। मिले भी क्यों न, ये भार्इ-बहन को जो त्योहार है। वहीं इस राखी के त्योहार पर कोर्इ भी बहन अपने भार्इ की कलार्इ को खाली नहीं रहने देना चाहती। इसी की वजह से रविवार को रक्षा बंधन के त्योहार पर ग्रेटर नोएडा स्थित जिला जेल में बंद कैदियों को राखी बांधने उनकी बहनें पहुंच गर्इ। जेल प्रशासन ने भी उनकी भावनाओं का ख्याल रखते हुए उन्हें मिलने की छूट दे दी। लेकिन जैसे ही जेल प्रशासन ने बहन बनकर पहुंची सौ से ज्यादा महिलाआें को बंदियों के यह करतूत करते देखा तो उनकी सच्चार्इ सामने आ गर्इ। इसके बाद जेल में हड़कंप मच गया। वहीं, कुछ लोगों का हंस-हंस कर बुरा हाल हो गया। इसके बाद जेल प्रशासन ने मुलाकात पर रोक लगा दी। इसके बाद महिलाओं ने जमकर हंगामा किया।
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ग्रेटर नोएडा के लुक्सर में स्थित जिला जेल में पुलिस आैर जेल प्रशासन ने रविवार को रक्षाबंधन के त्योहार पर बहनों को भार्इयों से मुलाकात के लिए विशेष छूट दी थी। इसके चलते सुबह नौ बजे ही बहनें जेल में बंद भार्इयों को राखी बांधने के लिए पहुंच गर्इ। धीरे-धीरे यह भीड़ बढ़ती गर्इ। वहीं, जब पुलिसकर्मियों ने बीच में जाकर देखा तो बहन बनकर पहुंची सौ से ज्यादा महिलाआें को भेद खुल गया।दरअसल वे महिलाएें बंदियों के से लिपट कर रो रही थी।वहीं जब पुलिस ने जांच की तो पता चला कि बहन बनकर जेल पहुंची।महिला बंदी की बहन नहीं पत्नी है।इसके बाद जेल में हड़कंप मच गया। वहीं एक के बाद एक एेसी सौ महिलाआें की पोल खुल गर्इ।
वहीं बहन बनकर जेल पहुंची महिलाआें की पोल खुलने पर पुलिस ने उनके मिलने पर रोक लगा दी। वहीं सभी महिलाआें को बाहर निकाल कर अंदर जाने से सभी को रोक दिया। इस पर भारी तादाद में बाहर खड़ी बहनों ने हंगामा कर दिया।उन्होंने बंदी भार्इयों से मिलने पर रोक लगाने पर कड़ा एतराज जताया। साथ ही जेल प्रशासन के खिलाफ जमकर नारे बाजी की।