विश्व कि सबसे बड़ी अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनी इलेक्रामा-2018 के आयोजन ग्रेटर नोएडा के एक्सपो मार्ट में किया जा रहा है।
ग्रेटर नोएडा। इलेक्ट्रिसिटी और इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद पर विश्व कि सबसे बड़ी अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनी इलेक्रामा-2018 के आयोजन ग्रेटर नोएडा के एक्सपो मार्ट में किया जा रहा है। जिसका उद्घाटन उपराष्ट्रपति वैंकया नायडू ने दीप प्रवज्जलित कर किया किया। इस अवसर पर उपराष्ट्रपति वैंकया नायडू ने कहा कि सौर ऊर्जा के क्षेत्र में भारत दुनिया में अग्रणी बनने की क्षमता रखता है। देश में 2020 तक 60-70 लाख इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड इलेक्ट्रिक वाहनों के संचालन का लक्ष्य है। भारतीय विद्युत उपकरण उद्योग 5 लाख लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार दे रहा है। अप्रत्यक्ष रूप से 10 लाख और पूरी शृंखला में 50 लाख से अधिक लोग इससे जुड़े हैं। इस अवसर पर वाणिज्य और उद्योग मंत्री सुरेश प्रभु यूपी सरकार के ओधोगिक मंत्री सतीश महाना भी मौजूद थे।
बता दें कि ग्रेटर नोएडा में शनिवार से पांच दिवसीय इलेक्ट्रिसिटी और इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद मेले का शुभारम्भ हो गया। आईईमा की तरफ से आयोजित इलेक्रामा में भारत सहित विदेशों की करीब 1200 इलैक्ट्रिक और इलेक्ट्रॉनिक्स कम्पनिया हिस्सा ले रही हैं। यहां पर 1200 प्रदर्शक अपने उत्पादों का प्रदर्शन कर रहे हैं जिनमें 900 भारत और 300 विदेशी प्रदर्शक अपने स्टॉल पर उत्पादों का प्रदर्शन कर रहे हैं। यूपी में पहली बार इस इवेंट को आयोजित किया जा रहा है।
इस प्रदर्शनी में स्टेबलाइजर बनाने वाली अग्रणीय भारतीय कम्पनी सर्वोकॉन भी हिस्सा ले रही है। जो अपने उत्पादों का प्रदर्शन कर रही है। बायर्स भी इसके इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों (इन्वेटर और स्टेबलाइजर) को पसंद कर रहे हैं। साथ ही चीन, ब्रिटेन, जर्मनी, ब्राजील आदि देशों से भी प्रदर्शक यहां आये हैं जो अपने उत्पादों का प्रदर्शन कर रहे हैं। इस प्रदर्शनी में सौर ऊर्जा, आर्टिफिशियल ट्रांसमिशन, डिजिटल ट्रांसमिशन सहित भविष्य में आने वाली नई तकनिकी के उत्पाद भी प्रदर्शित किये जा रहे हैं। इस दौरान करीब 6800 करोड़ का व्यापार होने की सम्भावना है।
सौर ऊर्जा के क्षेत्र में लोगों को जागरूक करने में जुटी हरटेक कंपनी के मुखिया सीमरप्रीत कहते हैं कि हमारा मिशन है कि हम ऐसा इन्फ्रास्ट्रक्चर बनाए जो भविष्य कि पीढ़ियो के काम आ सके। भारत कि 128 करोड़ आबादी मे 30 करोड़ लोग ऐसे हैं जिनके पास आज तक बिजली तक नहीं पहुंची है। इनके लिए सौर ऊर्जा एक अच्छा विकल्प है।