अमरीका और ईरान के बीच चरम पर पहुंचा तनाव दोनों दूसरे के खिलाफ मिआइलें तैनात करने का दिया आदेश अमरीका में खाड़ी के कई अड़डों पर भेजे अपने युद्धपोत
तेहरान। ईरान और अमरीका के बीच तनाव दिन पर दिन बढ़ता जा रहा है। अमरीका ने ईरान की तरफ से बढ़ रहे खतरों के बीच घोषणा की है कि खाड़ी में जल्द ही पैट्रियाट मिसाइलें तैनात की जाएंगी। अमरीकी अधिकारियों ने कहा कि खुफिया सूत्रों से पता चला है कि ईरानऔर उसके समर्थक देश मध्य पूर्व में अमरीकी सेना और उसके हितों को खतरे में डालने की योजना बना सकते हैं। इसके बाद अमरीका ने यह कदम उठाया है। कार्यवाहक रक्षा सचिव पैट्रिक शहनहान ने इन मिसाइलों की तैनाती को मंजूरी दी।
अमरीका ने तैनात कीं पैट्रियट मिसाइलें
पेंटागन के एक बयान में कहा गया है कि रक्षा सचिव के कार्यवाहक ने यूएसएस अरलिंगटन और पैट्रियट बैटरी को यूएस सेंट्रल कमांड के लिए तैनात करने को मंजूरी दे दी है। सीएनएन ने अपनी खबर में दावा किया है कि अमरीका को इस बात की आशंका है कि ईरान की योजना फारस की खाड़ी में तैनात बैलिस्टिक मिसाइल और कम दूरी की नावों पर क्रूज मिसाइलों को चलाने की है। अमरीकी सेना का मानना है कि क्रूज मिसाइलों को छोटी ईरानी नौकाओं से लॉन्च किया जा सकता है। इसे अमरीका धमकी के रूप में देखता है।
खाड़ी में अमरीकी युद्धपोतों की हलचल
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने खाड़ी में तैनात विमान वाहक अब्राहम लिंकन को गुरुवार को स्वेज नहर से गुजरने का आदेश दे दिया है। वर्तमान में अमरीकी विमान लाल सागर में गश्त लगा रहे हैं। शुक्रवार को एक रक्षा अधिकारी ने दोहराया कि ईरानी खतरा वास्तविक और विश्वसनीय है और हम इसे गंभीरता से ले रहे हैं। अधिकारी ने कहा कि आर्लिंगटन और पैट्रियट मिसाइल की तैनाती अप्रीका के अपने जहाज और अड्डों के सुरक्षा के लिए है। पेंटागन ने यह खुलासा नहीं किया कि अतिरिक्त अमरीकी मिसाइलों को कहाँ भेजा जाएगा। ईरान के नेताओं ने कहा है कि वे अमेरिका के साथ संघर्ष नहीं चाहते हैं। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के एक वरिष्ठ कमांडर ने कहा है कि अमरीका ईरान पर "हमला" करने की हिम्मत नहीं करेगा।
कतर में तैनात हुए बी-52 बमवर्षक
अमरीकी वायु सेना ने शुक्रवार को स्वीकार किया कि कतर के एक प्रमुख अमरीकी हवाई अड्डे पर बी -52 बमवर्षक विमानों की तैनाती का आदेश दिया है। अमरीकी वायु सेना के मध्य कमान द्वारा जारी की गई तस्वीरों में देखा जा सकता है कि बी -52 बमवर्षक गुरुवार रात कतर के अल उदीद एयर बेस पर पहुंचे। वायुसेना ने अपने बयान में कहा कि लुइसियाना के बार्कसडेल वायु सेना बेस के 20वें बम स्क्वाड्रन के कतर में आने से अमरीका को और भी मजबूती मिली है।
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