
Guna Insect Bite Case: मध्य प्रदेश के गुना जिले के धरनावदा थाना क्षेत्र के महूगढ़ा गांव की 11 वर्षीय बच्ची का मंगलवार शाम जिला अस्पताल में इलाज के दौरान निधन हो गया। बच्ची को सुबह करीब 11 बजे जहरीले कीड़े के संपर्क में आने से जिला अस्पताल की चिल्ड्रन विंग में भर्ती कराया गया था। बच्ची के निधन के बाद परिजनों ने नर्सिंग स्टाफ पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा कर दिया। परिजनों ने जिम्मेदार स्टाफ पर कार्रवाई और निलंबन की मांग की। ताजा मिली जानकारी के अनुसार, अस्पताल के बाहर हंगामा बढ़ते देख मंगलवार-बुधवार देररात एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ इलाज में लापरवाही दिखाने को लेकर मामला दर्ज कर दिया गया है।
जानकारी के अनुसार महूगढ़ा निवासी 11 साल की बच्ची मंगलवार सुबह घर पर थी। इसी दौरान करीब 10 बजे उसे किसी जहरीले कीड़े के संपर्क में आने तबियत बिगड़ने की बात सामने आई। इसके बाद परिजन उसे लेकर सुबह करीब 11 बजे जिला अस्पताल पहुंचे, जहां उसे चिल्ड्रन विंग में भर्ती किया गया। बच्ची के पिता का आरोप है कि अस्पताल में भर्ती कराने के बाद कई घंटे तक इलाज शुरू नहीं किया गया। जब बच्ची के स्वास्थ्य में सुधार नहीं हुआ तो उन्होंने गुना में रहने वाले एक परिचित को अस्पताल बुलाया। परिजनों के मुताबिक, परिचित के स्टाफ से बात करने के बाद बच्ची का उपचार शुरू हुआ। इस दौरान उसे एक इंजेक्शन लगाया गया और फिर एक बोतल चढ़ाई गई।
परिजनों का कहना है कि शाम के बाद बच्ची की तबियत एकाएक बिगड़ती चली गई। स्थिति बिगड़ते देख अस्पताल स्टाफ ने उसे भोपाल रेफर करने की प्रक्रिया शुरू की, लेकिन करीब शाम करीब 5:40 से 6 बजे के बीच बच्ची का निधन हो गया। इससे परिजन आक्रोशित हो गए और चिल्ड्रन विंग में हंगामा शुरू कर दिया। परिजनों ने आरोप लगाया कि समय पर उपचार और निगरानी नहीं होने के कारण बच्ची की हालत बिगड़ती गई।
हंगामे के दौरान बच्ची के दादा उसे गोद में उठाकर वार्ड से नीचे ले आए और बच्चा वार्ड के सामने अस्पताल परिसर में रखकर परिजनों ने जिम्मेदार स्टाफ पर कार्रवाई की मांग की। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस और प्रशासन के अधिकारी जिला अस्पताल पहुंचे और परिजनों से बातचीत शुरू की।
बुधवार को मिली जानकारी के अनुसार, जिला अस्पताल में इस मामले की जांच शुरू कर दी गई है। परिजनों ने अस्पताल स्टाफ पर इलाज में लापरवाही के आरोप लगाए थे। अब जांच रिपोर्ट आने के बाद ही बच्ची के निधन का कारण और स्टाफ की भूमिका स्पष्ट होगी। जांच में यह भी पता लगाया जाएगा कि इलाज के दौरान किसी स्तर पर लापरवाही हुई थी या नहीं। डॉक्टरों ने बताया कि बुधवार सुबह पोस्टमार्टम किया गया। इसके बाद बुधवार को ही परिजनों ने अपने पैतृक गांव में बच्ची को अंतिम विदाई दी। इस दौरान ग्रामीणों की आंखें नम हो गई।