Pandit Dhirendra Shastri: बागेश्वर धाम प्रमुख पंडित धीरेन्द्र शास्त्री सनातन हिंदू एकता पदयात्रा निकाल रहे हैं इसी बीच भाजपा नेता ने उन्हें दे डाली चुनौती...।
Pandit Dhirendra Shastri: मध्यप्रदेश के छतरपुर स्थित बागेश्वर धाम के प्रमुख पंडित धीरेन्द्र शास्त्री इन दिनों छतरपुर से ओरछा तक सनातन हिंदू एकता पदयात्रा पर हैं। इसी बीच एक भाजपा नेता ने उन्हें चुनौती दे डाली। चुनौती देने वाले भाजपा नेता का नाम हीरेन्द्र सिंह बंटी है जो कि गुना के भाजपा जिला उपाध्यक्ष हैं। हालांकि सोशल मीडिया पर की गई उनकी पोस्ट पर जैसे ही आपत्ति आई तो उन्होंने माफी मांग ली और पछतावा व्यक्त करते हुए पंडित धीरेन्द्र शास्त्री से चरणों में स्थान देने की मांग भी की। चलिए बताते हैं पूरा वाक्या..
भाजपा जिला उपाध्यक्ष हीरेंद्र सिंह बंटी बना ने अपने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री को लेकर लिखा था- धीरेन्द्र शास्त्री को मेरी खुली चुनौती। आप जयवर्धन के साथ हो, यह अच्छी बात है, लेकिन एक बार वो साधु जी महाराज और सन्यासी बाबा से पूछ लेते सत्य मार्ग पे कौन है? इतना ही नहीं आगे लिखा था- महाराज जी सोच समझ कर आशीर्वाद दिया करो। मैं भी सनातनी हूं और कट्टर हूं। चाहो तो संपर्क कर लो। मैं भी बड़े उच्च गुरु से दीक्षित हूं। अब धीरेन्द्र जी इससे आगे मत जाना, नहीं तो?
भाजपा नेता पहले तो सोशल मीडिया पर पंडित धीरेन्द्र शास्त्री को चुनौती देने वाली पोस्ट कर डाली लेकिन कुछ ही देर बाद उसे डिलीट भी कर दिया और फिर सफाई दी। सफाई देते हुए कहा कि वो लिखना कुछ और चाह रहे थे। वह यह संदेश देना चाहते थे कि पंडित धीरेन्द्र शास्त्री सभी सनातनियों को समान रूप से आशीर्वाद दें, न कि किसी को अधिक और किसी को कम। जिन शब्दों का चयन उन्होंने पोस्ट में किया था वो गलत था इसलिए उसे डिलीट कर दिया है।
रविवार को ब्राह्मण समाज द्वारा उनकी टिप्पणी पर आपत्ति जताई तो हीरेंद्र सिंह बंटी बना ने गलती मानी। फिर एक पोस्ट कर लिखा- वह उनकी व्यक्तिगत राय थी, और इसके लिए खेद प्रकट करते हैं। परम आदरणीय गुरुदेव, बागेश्वर धाम पीठाधीश पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री जी महाराज, सादर चरण स्पर्श। गुरुदेव, आपके श्रीचरणों की वंदना करते हुए मेरा हृदय श्रद्धा और भक्ति से पूर्ण हो जाता है। आप जैसे दिव्य पुरुष के सान्निध्य में आना, हम जैसे छोटे भक्तों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। मेरी एकमात्र अभिलाषा है कि मुझे आपके चरणों में थोड़ा सा स्थान मिले, जिससे मैं अपने जीवन को सार्थक बना सकूं।