
गुना। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद गुना बिमौरी में होने वाले कार्यक्रम में पहुंचे। इस कार्यक्रम में उनके साथ राज्यपाल आनंदी बेन और सीएम शिवराज सिंह चौहान भी साथ थे। कार्यक्रम की अगुवाई जयभान सिंह पवैया ने की। राष्ट्रपति के स्वागत के लिए कही से कोई भी कसर नहीं छोड़ी गई।
दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई कार्यक्रम की शुरूआत
कार्यक्रम की शुरूआत दीप प्रज्ज्वलन के साथ की गई। दीप प्रज्जवलन राष्ट्रपति द्वारा किया गया। शिवराज सिंह चौहान और राज्यपाल आनंदी बेन ने उनका सहयोग किया।
गुना का हर एक नागरिक मेरा और बड़ा और छोटा भाई है
अपने भाषण की शुरूआत करते हुए रामनाथ कोविंद ने कहा कि गुना का हर एक नागरिक मेरा और बड़ा और छोटा भाई है। इस प्रदेश से मेरा विशेष लगाव है। क्योंकि मैंने इसे अपना दूसरा घर माना है। मैं यहां आज राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद बनकर नहीं, सिर्फ कोविंद बनकर आया हूं। कोविंद जी ने अपने भाषण में गुना का इतिहास बताते हुए कहा कि विजयराजे सिंधिया की कर्मभूमि है गुना। शिवराज जी बेटियों की बहुत चिंता करते है। इसलिए यहां की बेटियां शिवराज को अपना मामा कहती है। गुना का पर्यटन बहुत महत्वपूर्ण है।
इसके बाद राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने अपने भाषण में वनवासियों और श्रमिकों के कल्याण की योजनाओं के बारे में बताया। कोविंद जी ने बताया कि तेंदूपत्ता संग्रहन का कार्य बहुत ही कुशलता का कार्य है। यह ग्रामीणों को अजीविका देता है। पर, अजीविका के साथ साथ वनों का नाश भी रूकता है। ग्रामीण निवासी ध्यान रखें कि वनों का नाश न हो। क्योंकि वनों का महत्व उनसे बेहतर कौन जान सकता हैं। तेंदूपत्ता संग्राहक अपने कार्यो से वनों की रक्षा करते हैं। वक्त के साथ साथ काम करने के तरीके भी बदलने पड़ते है। इसका भी ध्यान रखें। श्रमिकों के बच्चों को पढ़ाने के लिए मध्यप्रदेश सरकार ने कई योजनाएं शुरू की है। जिससे उन्हें बेहतर शिक्षा मिल सकें। सीएम शिवराज सिंह की तारीफ करते हुए, कोविंद ने कहा कि वक्त के साथ साथ सीएम ने जो योजनाएं प्रदेश में शुरू की है। उनका असर प्रदेश में दिख रहा है।
कठिन परिश्रम करें और पढ़े
राज्यपाल आनंदी बेन ने अपने भाषण शुरू करते हुए मंच पर आसीन सभी का स्वागत किया। आनंदी बेन ने बताया कि सीएम शिवराज प्रदेश के सबसे लोकप्रिय मुख्यमंत्री है। सीएम ने बच्चों को शिक्षित करने के लिए कई सारे काम किए। बच्चे अच्छा पढ़ेगें तभी तो पूरी देश से गरीबी हटेगी। बच्चों को कठिन परिश्रम के बाद भी पढ़ाई करना चाहिए। सीएम मोदी ने भी घर चलाने के लिए चाय बेची। पर, पढ़ाई नहीं छोड़ी। असंगठित श्रमिकों के लिए योजना बनाई। गरीबी से मुक्ति बच्चे वनों में जाकर तेंदूपत्ता संग्रहण करें। देश मे ऐसा कोई प्रदेश नही जिसका जिम्मा राज्य सरकार उठाती हो, केवल मप्र सरकार ऐसा कार्य करने में सक्षम है।
सीएम ने दिया स्वागत भाषण
सीएम द्वारा राष्ट्रपति के स्वागत के लिए स्वागत भाषण दिया गया। जिसमें उन्होंने राष्ट्रपति का भोपाल आना ऐतिहासिक बताया। सीएम द्वारा राष्ट्रपति की ऐसी तारीफ सुनकर श्रोताओं ने अपने हाथ उपर उठाकर तालीयां बजाई।
जनता को दिया धन्यवाद
सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कार्यक्रम में जनता का आभार व्यक्त किया गया। क्योंकि शादी सीजन की व्यस्थता के चलते भी बहुत लोग कोविंद जी का स्वागत करने पहुंचे। जनता ने शादी समारोह से ज्यादा महत्व राष्ट्रपति कोविंद को दिया।
प्रधानमंत्री मोदी की तारीफ
प्रधानमंत्री मोदी की तारीफ करते हुए सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि हमारे लिए गरीब और पिछड़ा का कल्याण सबसे पहले है। इनका कल्याण करना हमारी प्राथमिकता है। मध्यप्रदेश में हमने गरीबों के बारे में बहुत सोचा और उनके कल्याण के लिए और किसानों के लिए असिंचित मजदूर कल्याण योजना की शुरूआत की है। हर एक के पास रहने के लिए घर हो, इसके लिए प्रधानमंत्री आवास योजना की शुरूआत की ताकि लोगों को छत मिल सकें। गरीबों के इलाज के लिए भी उचित व्यवस्था की गई है। गर्भवती महिला को 4000 की राशि तथा मजदूरों को बिजली का बिल 200 रूपये आएंगा।
पीएम मोदी का सपना होगा पूरा
सीएम ने कहा कि हम पीएम मोदी का सपना पूरा करने की कोशिश कर रहे हैंं। मोदी जी का सपना है कि देश से गरीबी हटाओ और हमारी यही छोटी छोटी कोशिश देश में बड़ा बदलाव कर सकती हैं।