
गुना. मध्यप्रदेश का गुना जिले पिछले दिनों एक एडीएम द्वारा चिकन और मुर्गा की डिमांड की वजह से चर्चा में था। अब उसी जिले में एक डीसी नेहा सोनी ( neha soni ) चर्चा में आ गई हैं। डिप्टी कलेक्टर ( deputy collector guna ) नेहा सोनी पर ड्राइवर ने मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाया है। ड्राइवर ( Driver ) ने चिट्ठी लिख सीएम हेल्पलाइन में डिप्टी कलेक्टर के खिलाफ शिकायत की है।
ड्राइवर द्वारा लिखे गए शिकायती पत्र में मानवीय संवेदनाएं शून्य का भी उल्लेख है। वाहन चालक ओमप्रकाश ने सीएम हेल्पलाइन के अलावा मुख्यमंत्री, सामान्य प्रशासन मंत्री, कलेक्टर आदि को एक शिकायती पत्र भेजा है। जिसमें ड्राइवर ने कहा है कि डिप्टी कलेक्टर नेहा सोनी बीते छह-सात माह से उसको परेशान कर रही हैं।
नौकरी करना भूल जाएगा
वहीं, ड्राइवर का आरोप है कि ऐसा करने से जब वह मना करता है तब मैडम धमकी देती हैं। डिप्टी कलेक्टर मैडम कहती हैं कि ऐसा फंसाऊंगी कि तू नौकरी करना भूल जाएगा। ड्राइवर ओमप्रकाश का कहना है कि मैं उनसे गुहार करता रहा कि मेरी धर्मपत्नी और नातिन बीमार है, मुझे जल्दी छोड़ दें। लेकिन मुझे सुबह साढ़े नौ से रात्रि सात-आठ बजे तक बिठाए रखती हैं।
नातिन की मौत हो गई
ड्राइवर ओमप्रकाश ने शिकायती पत्र में लिखा है कि 8 दिसंबर 2018 को मेरी बीमार नातिन की मौत हो गई। मैंने इसकी सूचना उन्हें दी। ड्राइवर ने कहा कि उक्त महिला अधिकारी ने नातिन के मरने की जानकारी होने के बाद भी मुझसे कहा कि अगले दिन आ जाना मुझे इंदौर जाना है, मैंने कहा कि मुझे नातिन का दाह संस्कार करना है।
नातिन मर गई है तो मर जाने दो
ड्राइवर का आरोप है कि डिप्टी कलेक्टर ने यह सुनने के बाद कहा कि अपनी मानवीय संवेदनाएं शून्य का हवाला देते हुए यहां तक कह दिया कि तेरी नातिन मर गई तो मर जाने दो। उसका क्रियाकर्म उसका पिता कर लेगा। जबकि उक्त बच्ची के माता-पिता सात माह पूर्व ही मर चुके हैं। उन्होंने मेरी एक नहीं सुनी और निलंबित और नौकरी से बर्खास्त करने की धमकी देती रहीं। दस मई को निलंबित भी कर दिया।
फोन नहीं उठाई
वहीं, ड्राइवर के आरोपों पर जब डिप्टी कलेक्टर नेहा सोनी का पक्ष जानने के लिए पत्रिका ने फोन किया तो उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया।