
Guna news: घरेलू एलपीजी गैस उपभोक्ताओं के लिए एक महत्वपूर्ण सूचना है। खाद्य विभाग और जिला प्रशासन ने 15 अगस्त तक सभी घरेलू गैस कनेक्शनों की ई-केवायसी कराना अनिवार्य कर दिया है। यदि उपभोक्ता इस अवधि तक अपनी ई-केवायसी प्रक्रिया पूर्ण नहीं करते हैं, तो उन्हें घरेलू दर के बजाय वाणिज्यिक दरों पर गैस सिलेंडर खरीदना पड़ेगा, जिससे उन पर अत्यधिक वित्तीय बोझ आएगा। वर्तमान में घरेलू सिलेंडर की दर लगभग 1004 रुपए है। ई-केवायसी न कराने की स्थिति में, उपभोक्ताओं को लगभग 2,182 रुपए चुकाने होंगे। यह सीधे तौर पर प्रति सिलेंडर 1,178 रुपए का अतिरिक्त नुकसान होगा।
यदि आपको गैस कनेक्शन का ई-केवायसी (LPG eKYC at home) करवाना है तो एजेंसी भी जाने की भी जरूरत नहीं है। ई-केवायसी कराने के दो सरल तरीके उपलब्ध है। उपभोक्ता अपनी संबंधित गैस कंपनी (एचपी, इंडेन या भारत गैस) के आधिकारिक मोबाइल ऐप को डाउनलोड करके बायोमेट्रिक या ओटीपी सत्यापन के माध्यम से घर बैठे यह प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।
दूसरा तरीका यह है कि वे अपने आधार कार्ड और गैस पासबुक के साथ अपनी गैस एजेंसी पर जाकर बायोमेट्रिक मशीन के जरिए तत्काल ई-केवायसी करा सकते हैं। जिले में अब तक 79 प्रतिशत उपभोक्ताओं ने अपनी ई-केवायसी प्रक्रिया पूर्ण कर ली है। शेष 21 प्रतिशत उपभोक्ताओं से खाद्य विभाग ने अपील की है कि वे अंतिम तिथि का इंतजार किए बिना जल्द से जल्द अपनी ई-केवायसी करा लें। ऐसा करने से वे 15 अगस्त के बाद महंगे दामों पर सिलेंडर खरीदने से बच सकेंगे और वित्तीय नुकसान से बच पाएंगे।
जानकार बताते हैं कि भोपाल जिले में तीनों ऑयल कंपनियों के करीब 8.50 लाख गैस कनेक्शन है, जिसमें 70 फीसदी ग्राहकों ने ही ई-केवायसी करवाया है। जिन उपभोक्ताओं ने एलपीजी का ई-केवायसी नहीं करवाया उन्हें सिलेंडर महंगा पड़ेगा। बता दें कि ई-केवायसी करवाने से सिलेंडर सही हाथों में पहुंचता है। ई-केवायसी नहीं करवाने पर कस्टमर सब्सिडी के लाभ से भी वंचित हो सकते हैं। गैस कंपनियों द्वारा उपभोक्ताओं से अपील की गई है कि, वे अंतिम तिथि का इंतजार न करें और समय रहते अपनी ई - केवाईसी प्रक्रिया पूरी करा लें। अंतिम दिनों में एजेंसियों पर भीड़ बढ़ने की संभावना है, जिससे परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।