Ganesh Chaturthi: गणेशोत्सव की धूम आज से, 125 स्थानों पर विराजेंगे गणपति बप्पा, मिट्टी के गणेश की प्रतिमा स्थापित करने को तैयार महिलाएं एवं छात्राएं
Ganesh Chaturthi: 11 दिवसीय गणेश उत्सव सोमवार से आरंभ होगा। शहर में 125 से अधिक स्थानों पर गणपति बप्पा की प्रतिभाएं स्थापित की जाएंगी। इसके लिए रविवार को शहर में जगह-जगह पांडाल तैयार किए गए। भगवान गणेश के मंदिरों पर भी विशेष साज सज्जा की जा रही है।
वहीं पत्रिका के अभियान के बाद शहर और जिले भर की महिलाएं एवं छात्राओं ने खुलकर कहा कि हम अपने घर में मिट्टी के गणेश जी की प्रतिमा को स्थापित करेंगे। यह महोत्सव सोमवार से शुरू होकर अनंत चतुर्दशी तक चलेगा। उधर, तलैया मोहल्ला में सबसे बड़ी प्रतिमा स्थापित की जाएगी। यहां 38वां वर्ष है और तीसरी पीढ़ी द्वारा भगवान गणेश की प्रतिमा लगाई जाएगी। हालांकि गुना शहर में यह उत्साह डोल ग्यारस तक चलेगा और प्रतिमाएं विसर्जित की जाएंगी। गणेश चतुर्दशी पर कैंट में व्यापक स्तर पर आयोजन होगा।
गुना. बजरंगगढ़ में विराजमान भगवान गणेश की प्राचीन प्रतिमा। जहां आकर्षक श्रृंगार किया जा रहा है। उधर, रविवार को शाम से झांकी लगाने के लिए प्रतिमाओं को ले जाने का सिलसिला शुरू हो गया।
( Ganesh mp3 Songs ) शहर में विराजेंगे मिट्टी के गणेश
पर्यावरण को अनुकूल बनाने शहर में मिट्टी के गणेश स्थापित करने का के्रज बढ़ा है। शहर में ही एक हजार से अधिक प्रतिमाएं मिट्टी की तैयार की जा रही हैं। बाजार में आईं पीओपी की प्रतिमाओं को खरीदने से लोग बच रहे हैं। लोगों ने भी अपने घरों में मिट्टी के गणेश स्थापित करने का संकल्प लिया है। पत्रिका ने पर्यावरण संरक्षण की दिशा में मिट्टी के गणेश बनाकर उनका पूजन करने पर बल दिया और लोग भी इस अभियान से जुडकऱ पर्यावरण को बचाने में आगे आ रहे हैं।
दिनांक व्रत/विशेष दिन
2 सितंबर गणेश चतुर्थी व्रत
3 सितंबर ऋ षि पंचमी
4 सितंबर मोरछठ, चंपा सूर्य षष्ठी
5 सितंबर संतान सप्तमी
6 सितंबर राधाष्टमी
7 सितंबर हरी जयंती
8 सितंबर सुगंध धूप दशमी, रामदेव जयंती
9 सितंबर पद्मा डोल ग्यारस
10 सितंबर भुवनेश्वरी जयंती, वामन जयंती
11 सितंबर प्रदोष व्रत
12 सितंबर अनंत चतुर्दशी का त्योहार मनाया जाएगा।
ये हैं विशेष मुहूर्त ( ganesh chaturthishubh muhurat )
गणेश पूजा का मुहूर्त सुबह 11 बजे से दोपहर 1.41 तक रहेगा। इसके बाद चतुर्थी तिथि का मुहूर्त आरंभ सुबह 4 बजकर 56 मिनट से शुरू होगा, वहीं चतुर्थी तिथि समाप्ति का मुहूर्त 3 सितंबर रात 1.53 मिनट तक रहेगा। बप्पा की मूर्तियों को सुबह 6 बजे से 7.30 बजे तक, 9 से 10.30 बजे, दोपहर 1.30 से 3 बजे, 3 से 4.30 बजे, शाम 4.30 से 6 बजे, शाम 6 बजे से 7.30 बजे तक स्थापित कर सकते हैं।