MP News: कुख्यात कनेरा चक गांव में बुधवार को अनोखा नजारा दिखा। जहां कभी पुलिस जाने से डरती थी, वहीं पारदी समाज ने अपराध और नशे से तौबा कर लिया।
Pardi Community Reform: गुना जिला मुख्यालय से तीस किलोमीटर दूर स्थित कनेरा चक गांव (kanera chak village) एक ऐसा गांव है जहां पुलिस भी दिन में जाने से वहां डरती हैं कि कहीं उन पर पारदी समुदाय एकत्रित होकर हमला न कर दे। इस गांव में बुधवार को पूरा माहौल बदला-बदला सा नजर आ रहा था। इसकी वजह ये थी कि यहां प्रदेश शासन के निर्देश पर पारदी समुदाय के कल्याण के लिए सात-आठ साल बाद आयोजित किया गया था। (MP News)
इस शिविर की यह खासियत रही कि अपराधों की दुनिया में सक्रिय रहे पारदी समुदाय के कई लोगों ने जहां अपराध छोड़ने का तो वहीं कुछ ने नशा न करने का संकल्प लिया। इनको संकल्प दिलाने का काम प्रधान एवं जिला सत्र न्यायाधीश अमिताभ मिश्रा के मुख्यातिथ्य में कलेक्टर किशोर कन्याल ने किया। इस मौके पर मुख्य रूप से पुलिस अधीक्षक अंकित सोनी, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव वंदना त्रिपाठी, सीजेएम मधुलिका मुले सहित कई न्यायिक अधिकारी और सीईओ जिला पंचायत अभिषेक दुबे, एसडीएम शिवानी पांडे मौजूद थे।
ग्राम पंचायत विश्वनगर के गांव कनेरा चक में लगे इस शिविर में पूर्व जनपद अध्यक्ष सुलोचना पारदी और यहां के सरपंच द्वारा मिडिल स्कूल को हाईस्कूल और हायर सेकंडरी स्कूल में उन्नयन करने, पुलिस चौकी या थाना खोलने, हमारे समाज के लोगों को झूठे पुलिस केस में न फंसाने, मंगल भवन बनवाने, चरनोई की भूमि का सीमांकन करने, विद्युत फीडर लगवाने आदि की मांग कार्यक्रम के अतिथियों के समक्ष आदि रखी।
यहां मौजूद पारदी समाज के कई लोगों ने झूठे पुलिस केस में फंसवाने, आपस में लड़वाने आदि के शिकायती पफा कलेक्टर और एसपी को दिए। इस मौके पर अच्छा कार्य और पढ़ाई करने वाले युवाओं को पुरस्कृत भी किया। पारदी समुदाय के राहुल-शिवा जैसे कई पारदी युवा-युवतियों ने अपनी बात रखी। इस कार्यक्रम में मुस्कान फाउंडेशन की शिवानी और कंजर समाज के महेश ने भी पारदी समाज के उत्थान के लिए किए जा रहे कार्यों पर प्रकाश डाला।
गुना एसपी अंकित सोनी ने बगैर किसी का नाम लिए कहा कि मैं जानता हूं कि आपसे कौन अपराध कराता था. कैसे आपको फंसाता था. कौन आपसे लूटा गया माल लेता था। मुझे यह जानकारी है कि पुलिस में जो लोग हैं या रहे हैं उन्होंने आपका फायदा उठाया है, उनकी सूची बन रही है, जल्द ही इस संबंध में भी कार्रवाई की जाएगी। मैं आपको विश्वास दिलाता हूं कि अब किसी भी निर्दोष को झूठे पुलिस केस में नहीं फंसाया जाएगा। आपके यहां अवैध रूप से बंदूक या जो भी हथियार हैं वे जमा कर दें, पुलिस आप पर कोई भी केस दर्ज नहीं करेगी।
कलेक्टर किशोर कन्याल ने पारदी समाज को बहादुर जाति का बताया और कहा कि आपके समाज के हर व्यक्ति की जानकारी एकत्र की जा रही है, जिसकी एक डायरेक्टरी होगी। उन्होंने पारदी समुदाय के लोगों से गुलाबों और फलाँ की खेती (विशेषकर अमरुद) कर अपनी आर्थिक उन्नति करने के बारे में विस्तृत बताया। यदि आपकी जमीन पर किसी दबंग का कब्जा होगा तो उसको गणेशपुरा की तरह कार्रवाई कर मुक्त कराएंगे। उन्होंने पारदी समुदाय के लोगों से निर्भीक होकर सकारात्मक प्रयास करने का भी आग्रह किया। उस समय अमरुद लेने वालों की भीड़ लग गई जब कलेक्टर ने फलों की खेती करने वाले से साढ़े-साढ़े सात सौ ग्राम के अमरुद बांटना शुरू किए।
प्रधान एवं जिला सत्र न्यायाधीश ने पुलिस अधीक्षक अंकित सोनी को सुझाव दिया कि जो पारदी अपराध और नशे से दूर होकर समाज की मुख्य धारा से जुड़कर अच्छा बन रहा है, उसको एक परिचय पत्र दिया जाए, उस परिचय पत्र के आधार पर उसे हर विभाग में सम्मान मिलने लगेगा। जिला न्यायालय परिसर में विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्यालय में आकर कोई भी पारदी समाज का व्यक्ति अपने केस के बारे में जानकारी ले सकता है। उन्होंने पारदी समुदाय की और इंगित करते हुए कहा कि आप जिला न्यायालय अच्छे पारदी होने के परिचय पत्र के साथ आएंगे तो हम आपको सम्मान भी देंगे और आपको स्वयं के अधिकार बत्ताएंगे और आपकी शिकायत या समस्या का हम समाधान भी करेंगे। उन्होंने पारदी जाति के लोगों को बहादुर जाति का बताया। (mp news)