
Jyotiraditya Scindia : एमपी के पूर्व आइपीएस रघुवीर सिंह मीणा पर एसटी प्रमाणपत्र मामले में एफआइआर दर्ज की गई है। उनपर केस दर्ज होने के बाद गुना की सियासत गरमा गई है। पूर्व आइपीएस रघुवीर सिंह मीणा के परिजनों ने मामले में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को घेरा है। केस दर्ज होने के अगले ही दिन पूर्व चांचौड़ा विधायक ममता मीणा ने इसे केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया से उनके राजनीतिक मतभेदों से जोड़ते हुए दबाव में हुई कार्रवाई बताया। उन्होंने सिंधिया की खिलाफत की भी बात कही। दरअसल चाचौड़ा की पूर्व विधायक ममता मीणा की ज्योतिरादित्य सिंधिया से पुरानी अदावत है। हाल ही उन्होंने केंद्रीय मंत्री पर एक कमेंट किया जिसे इस विवाद से जोड़कर देखा जा रहा है।
चाचौड़ा की पूर्व विधायक ममता मीणा ने केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के खुले विरोध की चेतावनी दी। उन्होंने कहा, अब ग्वालियर-चंबल और श्योपुर क्षेत्र में जाकर सिंधिया की नीतियों को जनता के सामने रखा जाएगा।
पूर्व आईपीएस रघुवीर सिंह मीणा ने भी अपने सफाई में बयान दिया। उन्होंने कहा कि जाति प्रमाणपत्र का मामला 2016 से न्यायालय में चल रहा है और आगे की लड़ाई भी अदालत में ही लड़ी जाएगी।
रिकॉर्ड के अनुसार, 1984 में जारी पूर्व आईपीएस रघुवीर सिंह मीणा के एसटी प्रमाणपत्र को उच्च स्तरीय छानबीन समिति ने अमान्य किया था। इसे उन्होंने चुनौती दी थी। 2021 में हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने सुनवाई का अवसर दिए जाने के लिए मामला समिति को वापस भेजा था।
रघुवीर सिंह मीणा की पत्नी पूर्व विधायक ममता मीणा का केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया से पुराना विवाद है। सिंधिाया के गुना दौरे के बाद ममता मीणा ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी उन्हें कथित रूप से सामंतवादी करार दिया। ममता मीणा ने ज्योतिरादित्य सिंधिया को सामंती सोच का बताते हुए उनका विरोध किया और अधिकारियों व महिलाओं के सम्मान की नसीहत दी थी।
वीडियो में अपने बयान पर पूर्व विधायक ममता मीणा ने कहा, मैंने केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के खुद को 'महाराज' कहलवाने की सोच का विरोध किया था, इसलिए पीएचक्यू और मुख्यमंत्री स्तर पर दबाव बनाकर कार्रवाई कराई गई। उनका कहना है कि मामला पहले से हाईकोर्ट में विचाराधीन था।
ममता मीणा चाचौड़ा इलाके की प्रमुख नेत्री हैं। वे इस विधानसभा सीट से विधायक रह चुकी हैं। जिला पंचायत गुना की पूर्व अध्यक्ष हैं।