mp news: परिजन किसान को तुरंत अस्पताल लेकर पहुंचे जिससे समय पर इलाज मिलने से जान बच गई।
mp news: अंधविश्वास और झाड़-फूंक के चक्कर में कई बार सर्पदंश के मामले गंभीर हो जाते हैं, लेकिन मध्यप्रदेश के गुना जिले के बमोरी क्षेत्र के एक युवा किसान को परिजनों ने समय पर इलाज कराकर जागरुकता दिखाई। जहरीले सर्प के काटने के बाद परिजनों ने बिना समय गंवाए उसे अस्पताल पहुंचाया, जिससे उसकी जान बच गई। सांप किसान की शर्ट में घुस गया था और उसने किसान को कई बार काटा था।
बमोरी क्षेत्र के ग्राम अंबाराम चक फतेहगढ़ निवासी 26 वर्षीय किसान राधेश्याम भील हार्वेस्टर से गेहूं की कटाई कराकर शाम करीब 7 बजे घर में आए थे। इसी दौरान एक जहरीला सर्प उनकी शर्ट के अंदर घुस गया और उन्हें दो-तीन जगह काट लिया। राधेश्याम ने तुरंत शर्ट के बटन तोड़कर सर्प को बाहर निकाला। शुरुआत में दांतों के मामूली निशान देखकर उन्होंने इसे गंभीरता से नहीं लिया और रात करीब 9 बजे भोजन कर सो गए। लेकिन रात करीब 10:30 बजे उनकी तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। यह देखकर परिजन घबरा गए।
राधेश्याम की हालत बिगड़ता देख परिजनों ने तुरंत एंबेलेंस को फोन किया। हालांकि एंबुलेंस के पहुंचने में समय लग रहा था, इसलिए परिजनों ने सूझबूझ दिखाते हुए राधेश्याम को निजी वाहन में बैठाकर जिला अस्पताल ले गए। जिला अस्पताल में डॉक्टरों ने तत्काल उपचार शुरू किया। समय पर इलाज मिलने से राधेश्याम की हालत अब खतरे से बाहर बताई जा रही है। राधेश्याम और उनके परिजनों ने बताया कि यदि वे झाड़-फूंक या तंत्र मंत्र के चक्कर में पड़ते और अस्पताल पहुंचने में देरी करते, तो स्थिति गंभीर हो सकती थी। डॉक्टरों का भी कहना है कि सर्पदंश के मामलों में शुरुआती एक-दो घंटे बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। समय पर अस्पताल पहुंचने से ही मरीज की जान बचाई जा सकती है।