गुना

नवजात के शव पर झपट रहे थे कुत्ते, जिसने भी देख सिहर गया…

सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने नवजात का शव कब्जे में लिया...

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Feb 09, 2018

गुना। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के करौद क्षेत्र में पिछले दिनों कुत्तों द्वारा एक बच्चे को नोच लिए जाने के बाद उसकी मौत का मामला शांत भी नहीं हो पाया था, कि गुना में भी ऐसा ही एक दर्दनाक नजारा देख लोग सिहर गए।
जानकारी के अनुसार गुरुवार शाम कुछ राहगीरों ने देखा कि रेलवे स्टेशन के पास झाड़ियों में एक नवजात बच्ची का शव कुछ कुत्ते नोंच रहे थे। यह खतरनाक मंजर देख राहगीरों का दिल दहल गया, जिसके बाद उन्होंने कुत्तों को पत्थर मारकर भगाया और पुलिस को सूचना दी। राहगीरों ने बताया कि नवजात बच्ची का शव गुरुवार शाम देखा गया। इस शव को कुत्ते घसीटकर नोंचते हुए ले जा रहे थे।

सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने नवजात का शव अपने कब्जे में ले लिया। वहीं एक अन्य मामले में गुरुवार सुबह ही एक अन्य नवजात का शव जिला अस्पताल में मेटरनिटी के बाहर मिला। सूचना मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंची, लेकिन कुछ देर बाद ही परिजन मौके पर आ गए और बताया कि बच्चा उनका है। परिजनों ने बताया कि बच्चा मृत होने पर बाहर पत्थर पर रखा था, लेकिन किसी ने नवजात का शव लावारिस समझकर पुलिस बुला ली।

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इधर, कमिश्नर ने आरएमएसए के छात्रावास का किया निरीक्षण:-
गुना में दो दिवसीय भ्रमण पर आए कमिश्नर बीएम शर्मा ने गुरुवार को आरोन तहसील का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने आदिम जाति कल्याण विभाग के छात्रावास भी देखे, तो आरएमएसए के छात्रावास का निरीक्षण किया। इस दौरान आदिम जाति के छात्रावासों में अव्यवस्थाएं मिलीं, तो आरएमएसए के छात्रावास की व्यवस्थाएं देख आयुक्त ने आदिम जाति विभाग के अधिकारी पर जमकर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि कुछ तो शर्म करो, इनसे सीखो ताकि बच्चों को अच्छी व्यवस्था और सुविधाएं मिल सकें।

दरअसल, ग्वालियर आयुक्त शर्मा गुरुवार सुबह कलेक्टर राजेश जैन और एसडीएम अरविंद बाजपेयी के साथ आरोन के लिए रवाना हुए। इस दौरान उन्होंने बरखेड़ाहाट के प्राइमरी, मिडिल व हाईस्कूल के साथ आंगनबाड़ी का निरीक्षण किया, लेकिन यहां ज्यादा कोई अव्यवस्था नहीं मिलने पर संतुष्टि जताई।

इसके बाद उन्होंने आरोन स्वास्थ्य केंद्र का जायजा लिया। इस पर उन्होंने सीएमएचओ को हर वार्ड में डाक्टर के नंबर लिखवाने के निर्देश दिए। वहीं बच्ची की डिलेवरी के बाद डिस्चार्ज के समय ही लाड़ली को सभी लाभ उपलब्ध कराए जाएं। इसके बाद कमिश्नर आदिम जाति कल्याण विभाग के अजा-जजा बालक छात्रावास का निरीक्षण किया। यहां कमरों में रोशनी की कमी थी, जिस पर आयुक्त ने ट्यूबलाइट लगवाने के निर्देश दिए। दीवारों पर भी चित्रकारी नहीं मिली, तो पंखों का भी पर्याप्त इंतजाम नहीं मिला। इस पर नाराजगी जताते हुए कमिश्नर ने आदिम जाति विभाग के अधिकारी को तत्काल व्यवस्थाएं दुरुस्त करने की चेतावनी दी।

इसके बाद उन्होंने पनवाड़ीहाट के आरएमएसए के छात्रावास का निरीक्षण किया, जहां कि व्यवस्थाएं देख आयुक्त ने आदिम जाति अधिकारी को जमकर फटकार लगाई। उन्होंने इतना तक कह दिया कि तुम्हें शर्म आनी चाहिए, आरएमएसए के छात्रावासों को देखकर ही कुछ सीख लो।

कोलुआ व हापाखेड़ी में चौपाल...
कमिश्नर ने भ्रमण के दौरान कोलुआ व हापाखेड़ी गांव में चौपाल भी लगाई। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों से नामांतरण और पीएम आवास योजना आदि की जानकारी ली। साथ ही पेयजल के बारे में भी ग्रामीणों चर्चा की। इसके बाद उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसी भी सूरत में पेयजल की समस्या नहीं होना चाहिए। जरूरत होने पर हैंडपंप खनन कराएं।

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Published on:
09 Feb 2018 05:26 pm
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