गुना

’20 हजार दो यहीं ठीक कर दूंगा’, मरीज ने तोड़ा दम, डॉक्टर हुआ फरार

operation of stone: जिला अस्पताल में पथरी के ऑपरेशन के बाद मरीज की मौत हो गई। आरोप है कि डॉक्टर ने बिना जांच के ऑपरेशन कर भोपाल रेफर किया और जब पीड़ित की मृत्यु हो गई तो अस्पताल से फरार हो गया।
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Apr 25, 2025
patient died due to wrong operation of stone in the guna district hospital mp

operation of stone: मध्य प्रदेश के गुना जिला अस्पताल में पथरी का इलाज कराने आए एक मरीज की मौत हो गई। परिवार वालों का आरोप है कि डॉक्टर ने गलत ऑपरेशन कर दिया। जब स्थिति उनके नियंत्रण से बाहर हो गई तो, भोपाल रेफर कर दिया। भोपाल जाते समय रास्ते में मरीज की मौत हो गई। इस घटनाक्रम से गुस्साएं परिजन शव को जिला अस्पताल वापस आए और यहां हंगामा शुरू कर दिया। इधर आरोपों में घिरे डॉक्टर राहुल श्रीवास्तव अस्पताल से गायब हो गए।

डॉक्टर को तलाशा लेकिन नहीं लगा हाथ

हालांकि मरीज के परिजन उन्हें तलाशते रहे और कॉल भी अटेंड नहीं किया। जानकारी के अनुसार अशोकनगर जिले के नईसरांय इलाके के रहने वाले रामवीर केवट (45) को पेट में दर्द रहता था। डॉक्टर ने उन्हें पथरी बताई थी। परिवार वाले 21 अप्रैल को उन्हें लेकर गुना जिला अस्पताल पहुंचे। यहां डॉक्टर राहुल श्रीवास्तव ने उन्हें देखा। परिवार वालों का आरोप है कि डॉक्टर ने उनसे कहा कि 20 हजार रुपए में ऑपरेशन कर देंगे। यहीं ठीक हो जाएंगे। परिवार वालों ने 15 हजार रुपए जमा कर दिए। डॉक्टर ने प्राइवेट मेडिकल से दवाड्यां मंगाई। 3 हजार रुपए की दवाई परिवार वालों ने लाकर डॉक्टर को दी।

बिना जांच के ही कर दिया ऑपरेशन

परिजनों का रोप है कि डॉक्टर ने गुरुवार दोपहर 12 बजे रामवीर का ऑपरेशन आनन-फानन में कर दिया। मरीज की ब्लड टेस्ट कराए बिना ही ऑपरेशन थिएटर में ले गए और ऑपरेशन करने लगे। जब उनके नियंत्रण से स्थिति बाहर हो गई, तो उन्होंने उसी हालत में कहा कि मरीज को भोपाल ले जाओ। इसके बाद एंबुलेंस से रामवीर केवट को भोपाल ले जा रहे थे, तभी ब्यावरा के पास उसकी मौत हो गई। शव को परिजन जिला अस्पताल आए और शाम 5 बजे अस्पताल में हंगामा किया।

स्थिति संभालने पहुंचे अधिकारी

अस्पताल में हंगामे की सूचना पर एसडीएम शिवानी पांडे, तहसीलदार गौरीशंकर बैरवा, सीएसपी भरत नौटिया, कोतवाली टीआई बृजमोहन सिंह भदौरिया सहित पुलिस और प्रशासन की टीम अस्पताल पहुंच गई। यहां तीन डॉक्टरों के पैनल से मृतक का पीएम कराया गया। उसकी वीडियोग्राफी भी कराई गई।
डॉ. राहुल श्रीवास्तव पूर्व में भी विवादों में रह चुके हैं। इसी तरह इलाज में लापरवाही और पैसों की मांग को लेकर आरोप लग चुके हैं। उन्हें निलंबित भी किया गया था, लेकिन बहाल होने के बाद भी मरीजों से पैसे मांग कर इलाज करने की हरकतें कम नहीं हुई।

डॉ. राहुल श्रीवास्तव पर इलाज में लापरवाही और मरीज से पैसे मांगने के आरोप लगे हैं। इसकी जांच को लेकर कमेटी गठित कर दी गई है। - डॉ. वीरेंद्र रघुवंशी, सिविल सर्जन

Updated on:
25 Apr 2025 09:34 am
Published on:
25 Apr 2025 09:34 am