
गुना। आजीविका एवं कौशल विकास दिवस कार्यक्रम में जहां एक और अव्यवस्थाओं का बोल-बाला रहा। वहीं दूसरी ओर युवराज क्लब में आयोजित कार्यक्रम में सिवनी से सीएम शिवराज सिंह चौहान का लाइव भाषण दिखाने की व्यवस्था की गई थी, जो पूरे समय जरूर प्रसारित हुआ, लेकिन इस लाइव भाषण से कलेक्टर, प्रशासनिक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने दूरी बनाई। जबकि इस कार्यक्रम में शामिल होने कलेक्टर बी. विजय दत्ता और जिला पंचायत अध्यक्ष अर्चना चौहान समेत कई अधिकारी अतिथि के रूप में पहुंचे थे। मगर वे सीएम के भाषण शुरू होने से पहले कार्यक्रम से चले गए थे। इसके साथ ही शिवराज सिंह के भाषण शुरू होने से पहले ही टेंट पूरी तरह खाली हो गया, कुर्सियां खाली-खाली ही नजर आईं।
राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत आजीविका एवं कौशल विकास दिवस पर जिला मुख्यालय पर युवराज क्लब में आयोजित किया गया था, जिसमें शामिल होने के लिए टे्रेक्टरों के जरिए गुना विकास खंड के कई गांवों की महिलाएं सुबह दस बजे करीब वहां पहुंच गई थीं। जबकि यह कार्यक्रम दोपहर 12 बजे शुरू हुआ।
इस दिवस के अवसर पर पूरे प्रदेश के विकास खण्ड स्तर पर कार्यक्रम आयोजित किए गए थे। जिसके तहत सीएम शिवराज सिंह चौहान सिवनी पहुंचे थे, जहां उन्होंने 2 बजकर 5० मिनट पर अपना भाषण शुरू किया जो लगभग 3० मिनट चला। वे अपने लाइव भाषण में कलेक्टर को दिशा-निर्देश दे रहे थे, लेकिन गुना में उनकी सुनने के लिए न तो कलेक्टर उपस्थित थे ना ही अन्य कोई विभाग का वरिष्ठ अधिकारी। वैसे यही स्थिति बमौरी, राघौगढ़, चांचौड़ा, आरोन मेंं भी कार्यक्रम के दौरान देखी गई। कुल मिलाकर सभी जगह भीड़ तो रही, लेकिन अव्यवस्थाएं सब जगह देखी गईं। इन पर लगभग 12 लाख रुपए खर्च होना विभाग के अधिकारी बताते हैं।
इस कार्यक्रम में उस समय अव्यवस्था और ज्यादा फैल गई जब कलेक्टर और जिला पंचायत अध्यक्ष के जाने के बाद महिलाएं उठकर जाने लगीं, उनको रोका गया। खाने के पैकेट के लिए महिलाओं ने जमकर हंगामा किया। लेकिन उसमें सड़ी सब्जी और कच्ची पूडियां देखकर उनको कुछ महिलाएं यह कहकर फेंकती हुई नजर आईं कि क्या इनको खाकर हम लोगों को बीमार होना है।
कार्यक्रम में मान भी किया गया
राज्य आजीविका मिशन के जिला प्रभारी विष्णु सिंह पवार और ब्लॉक प्रभारी प्रदीप गोस्वामी बताते हैं कि इस कार्यक्रम में स्वरोजगार मेले के तहत अलग-अलग विभाग के 15 स्टॉल लगाए गए थे। छह महिला समूह को 7० हजार रुपए, 2 ग्राम संगठन को चार लाख रुपए दिए गए और 15 महिला, 1 समूह और एक ग्राम को उत्कृष्ट के रूप मेें से मानित भी किया गया।