Suicide case: युवक ने सुसाइड नोट में अपनी मौत का जिम्मेदार सीधे तौर पर एसएसई अमित लखेरा और शैलेंद्र कुमार को ठहराया है।
Suicide case: एमपी के गुना शहर की रेलवे कॉलोनी में रहने वाले एक रेलकर्मी द्वारा फांसी लगाकर ख़ुदकुशी करने का मामला सामने आया है। रेलकर्मी 30 सालों से विभाग को अपनी सेवाएं दे रहे थे। जानकारी के अनुसार रेलवे में एसएमडी हेल्पर के पद पर पदस्थ किशोरी लाल कुशवाह (58) ने बुधवार शाम अपने आवास पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक के पास से एक सुसाइड नोट और मोबाइल में वीडियो मिला है। जिसमें रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
किशोरी लाल ने सुसाइड नोट में अपनी मौत का जिम्मेदार सीधे तौर पर एसएसई अमित लखेरा और शैलेंद्र कुमार को ठहराया है। सुसाइड नोट में लिखा है की अधिकारी उन्हें लंबे समय से मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे थे। नोट में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया कि एक फरवरी को मैं ड्यूटी पर गया था, लेकिन शैलेंद्र कुमार और अमित लखेरा ने जानबूझकर मेरी गैरहाजिरी लगा दी।
जब मैंने उनसे इस बारे में विनती की, तो उन्होंने मेरी एक न सुनी और मुझे सस्पेंड करने व चार्जशीट थमाने की धमकी दी। किशोरी लाल ने नोट में लिखा कि इन अधिकारियों के व्यवहार के कारण वे भारी मानसिक तनाव में थे। यदि उनके साथ कोई हादसा होता है, तो इसके जिम्मेदार यही दोनों अधिकारी होंगे।
मृतक के बेटे अजय कुशवाह ने बताया कि उनके पिता नियमित रूप से ड्यूटी पर जाते थे, लेकिन विभाग के कुछ अधिकारी उन्हें निजी रंजिश या प्रताडऩा के उद्देश्य से परेशान करते थे। एक फरवरी को ड्यूटी करने के बावजूद उनकी अनुपस्थिति दर्ज कर दी गई और फोन लगाकर कहा गया कि तुम्हारी चार्जशीट तैयार है, तुम्हें सस्पेंड कर दिया गया है। पिता बदनामी और नौकरी जाने के डर से घर पर इस तनाव का जिक्र बहुत कम करते थे। आखिरकार उन्होंने परेशान होकर यह आत्मघाती कदम उठा लिया।
सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। वहीं मौका मुआयना के दौरान पुलिस को मिला सुसाइड नोट और वीडियो अब इस मामले में सबसे बड़ा सबूत है। जिसके आधार पर पुलिस जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि सुसाइड नोट में नामजद अधिकारियों के खिलाफ जांच की जा रही है।