पिछले दिनों हुए किसान आंदोलन के बाद से ही कई किसानों ने भाजपा सरकार विरोधी रुख बना रखा है।
गुना। भाजपा को लेकर किसानों का गुस्सा शांत होता नहीं दिख रहा है। पिछले दिनों हुए किसान आंदोलन के बाद से ही कई किसानों ने भाजपा सरकार विरोधी रुख बना रखा है। जिसका फायदा उठाते हुए कांग्रेस भी लगातार सरकार पर लगातार अटैक कर रही है।
इसी कड़ी में सोमवार को गुना में हुए किसान सम्मेलन के दौरान किसानों ने हंगामा कर दिया। इस दौरान मंत्री रुस्तम सिंह भी वहां मौजूद थे। मंत्री की मौजूदगी में ही किसानों ने सरकार विरोधी नारे लगाए। किसानों ने नारेबाजी के दौरान शिवराज सिंह सहित भाजपा मुर्दाबाद के भी नारे लगाए।
दरअसल मंडी में फसल खरीदी नही होने से नाराज़ किसान लगातार सरकार से नाराज बने हुए हैं। खरीदी नहीं होने से फसल का दाम व्यापारी ही तय कर रहे हैं। व्यापारियों द्वारा मनमर्जी से उपज के दाम लगाए जा रहे हैं। इसके चलते किसानों को अपनी उपज का सही दाम नहीं मिल रहा है।
किसानों द्वारा किसान सम्मेलन के दौरान की गई नारेबाजी व व हंगामे को देखते हुए कलेक्टर राजेश जैन द्वारा कई बार समझाइश की कोशिश की गई।लेकिन इसके बावजूद किसान नहीं माने। इसके बाद किसान कार्यक्रम को छोडक़र चले गए।
पुलिस से हुई तू-तू ,मैं-मैं:
कलेक्टर जैन द्वारा समझाने के बावजूद जब किसान नहीं माने। तो पुलिस को मामला शांत कराने के लिए आगे आना पड़ा, जिसके चलते हंगामा कर रहे किसानों और पुलिस से भी काफी देर तक बहस हुई। एक ओर जहां पुलिस माहौल को शांत कराने की कोशिश करती देखी गई वहीं किसान किसी भी कीमत पर शांत होने को तैयार नहीं थे। इस पर जब पुलिस ने अपना दबाव बनाना शुरू किया तो किसान कार्यक्रम छोड़कर ही चले गए। जिसके कारण कार्यक्रम स्थल सूना हो गया और कुर्सियां खाली हो गईं।
ये है किसान सम्मेलन: दरअसल सरकार की ओर से किसानों के लिए बनाई गई योजनाओं की जानकारी व इन पर उनके सुझाव लेने के लिए किसान सम्मेलन का प्रदेश भर में आयोजन किया जा रहा है। इसके अलावा किस क्षेत्र में कौन सी नई योजनाओं की आवश्यकता है,इसका भी इस दौरान सरकार को पता चल जाता है।