NEET Solved Paper Scam: पेपर लीक मामले में राजस्थान SOG ने गुरुग्राम से BAMS छात्र यश को गिरफ्तार किया है। जांच में खुलासा हुआ है कि परीक्षा माफिया ने 10-15 लाख रुपये में 'गेस पेपर' के नाम पर असली सवाल बेचे थे, जिसमें बायोलॉजी और केमिस्ट्री के 135 असली प्रश्न छिपाए गए थे।
NEET Paper Leak : नीट (UG) पेपर लीक मामले को लेकर पूरे देश में हाहाकार मचा हुआ है। पुलिस आरोपियों को तलाशने के लिए हर संभव कदम उठा रही है। इसी बीच राजस्थान की स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) की टीम ने एक और बड़ी सफलता हासिल की है। दरअसल, टीम ने गुरुग्राम के फर्रुखनगर इलाके से यश नामक एक BAMS छात्र को हिरासत में लिया है, जिसके बारे में आशंका है कि वह इस पूरे नेटवर्क की एक महत्वपूर्ण कड़ी था।
जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि परीक्षा माफिया ने पकड़े जाने से बचने के लिए असली प्रश्नपत्र को सीधे तौर पर नहीं बेचा, बल्कि उसे ‘गेस पेपर’ का नाम देकर छात्रों तक पहुंचाया गया। पुलिस के मुताबिक इस गेस पेपर में 400 से ज्यादा सवाल शामिल किए गए थे, जिनके बीच बड़ी चालाकी से 3 मई को होने वाली परीक्षा के बायोलॉजी के सभी 90 और केमिस्ट्री के 45 असली सवाल छिपाए गए थे। जांच एजेंसियों का कहना है कि सिंडिकेट ने छात्रों और अभिभावकों को यह भरोसा दिलाया था कि यदि वे सिर्फ इन चुनिंदा सवालों को याद कर लें, तो परीक्षा आसानी से पास कर सकते हैं। इसी रणनीति के जरिए माफिया ने पेपर लीक को ‘गेस पेपर’ के नाम पर छिपाने की कोशिश की।
SOG सूत्रों के मुताबिक, गुरुग्राम में सक्रिय इस सिंडिकेट ने पेपर को भुनाने के लिए बड़ी रकम वसूली थी। संदिग्धों ने पेपर की एक-एक कॉपी 10 से 15 लाख रुपए में बेची। पुलिस को वित्तीय लेन-देन के डिजिटल और दस्तावेजी सबूत मिले हैं, जिन्हें अब आगे की कार्रवाई के लिए CBI के साथ साझा कर दिया गया है।
पकड़ा गया आरोपी यश जीरा देवी मेडिकल कॉलेज में प्रथम वर्ष का छात्र है और मूल रूप से खुरमपुर गांव का रहने वाला बताया जा रहा है। जांच में सामने आया है कि वह सीकर में रहकर मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी के लिए कोचिंग करता था, जहां उसकी मुलाकात कुछ संदिग्ध लोगों से हुई थी। पुलिस को शक है कि परीक्षा से पहले ही यश के पास प्रश्नपत्र और उनके उत्तर पहुंच चुके थे, जिन्हें उसने आगे अन्य परीक्षार्थियों तक पहुंचाने का काम किया। अब स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) यश के बैंक खातों, कॉल डिटेल्स और उसकी मुलाकातों की गहन जांच कर रही है, ताकि इस पूरे रैकेट में शामिल अन्य डॉक्टरों, एजेंटों और कोचिंग सेंटर संचालकों का भी खुलासा किया जा सके।
उल्लेखनीय है कि पेपर लीक की पुष्टि होने के बाद NTA ने 12 मई को आयोजित होने वाली NEET परीक्षा को रद्द करने का फैसला लिया था और अब इस पूरे प्रकरण की कमान CBI के हाथों में है।