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अश्लील बातें, गंदे इशारे और फेल करने की धमकी; गुरुग्राम में 9वीं की 27 छात्राओं ने सरकारी टीचर पर लगाए गंभीर आरोप

Gurugram School Teacher Allegations: गुरुग्राम के जैकबपुरा राजकीय स्कूल में विज्ञान शिक्षक पर 27 छात्राओं ने अश्लील व्यवहार और फेल करने की धमकी देने के गंभीर आरोप लगाए हैं। स्कूल प्रशासन द्वारा शिकायत दबाने के आरोपों के बीच शिक्षा विभाग ने विशेष कमेटी गठित कर जांच शुरू कर दी है।

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Gurugram School Teacher Allegations

AI प्रतीकात्मक फोटो

Girl Students Harassment Case Gurugram: शिक्षा के मंदिर में छात्राओं की सुरक्षा और गरिमा पर एक बार फिर गंभीर सवालिया निशान खड़े हो गए हैं। साइबर सिटी गुरुग्राम के जैकबपुरा स्थित एक राजकीय विद्यालय में छात्राओं ने अपने ही गुरु पर जो आरोप लगाए हैं, उसने शिक्षा विभाग और अभिभावकों के बीच हड़कंप मचा दिया है। जहां एक ओर सरकार महिला सुरक्षा और शिक्षा को बढ़ावा देने के दावे कर रही है, वहीं दूसरी ओर स्कूल के भीतर से ही छात्राओं के शोषण की शिकायतें सामने आ रही हैं।

आपको बता दें कि पूरा मामला जिले के जैकबपुरा स्थित राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय का है। यहां पर नौवीं कक्षा की 27 छात्राओं ने अपने विज्ञान शिक्षक के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। छात्राओं का आरोप है कि शिक्षक कक्षा में पढ़ाने के बजाय अश्लील बातें और गंदे इशारे करते हैं। छात्राओं ने यह भी शिकायत की है कि विरोध करने पर उन्हें फेल करने की धमकी दी जाती है, जिससे स्कूल में डर और मानसिक दबाव का माहौल बना हुआ है।

प्रधानाचार्य पर उठ रहे सवाल

छात्राओं ने अपने साथ हो रहे दुर्व्यवहार के खिलाफ आवाज उठाते हुए 24 अप्रैल को ही स्कूल के प्रधानाचार्य सुशील कुमार को एक औपचारिक लिखित शिकायत सौंप दी थी. हालांकि, छात्राओं का यह गंभीर आरोप है कि प्रधानाचार्य ने इस मामले पर त्वरित और कठोर दंडात्मक कार्रवाई करने के बजाय इसे ठंडे बस्ते में डालने और दबाने का प्रयास किया। मामले की गंभीरता को कमतर आंकते हुए, प्रधानाचार्य ने जिला शिक्षा विभाग को ईमेल के माध्यम से केवल दो लाइनों की एक संक्षिप्त सूचना भेजी। इस सूचना में शिक्षक के आचरण की जांच करने के बजाय उन्हें केवल 'मानसिक रूप से अस्वस्थ' बताकर बचाव करने की कोशिश की गई, जिससे विभाग में यह संदेश गया कि यह अनुशासनहीनता का नहीं बल्कि स्वास्थ्य से जुड़ा मामला है. प्रधानाचार्य की इस कार्यप्रणाली ने न केवल छात्राओं के भरोसे को तोड़ा, बल्कि विभाग को भेजी गई इस अधूरी जानकारी के कारण मामले में उचित जांच शुरू होने में भी देरी हुई।

जांच और कार्रवाई

मामले के तूल पकड़ने के बाद जिला शिक्षा विभाग ने जांच के लिए एक विशेष कमेटी का गठन किया है। शनिवार को खंड शिक्षा अधिकारी राकेश शर्मा और सिविल लाइन सरकारी स्कूल के प्रिंसिपल जोगेंद्र सहित कमेटी के सदस्यों ने स्कूल का दौरा कर आरोपियों और संबंधित पक्षों के बयान दर्ज किए। जिला शिक्षा अधिकारी कैप्टन इंदू बोकन कसाना ने इसे बेहद गंभीर मामला बताया है और निष्पक्ष जांच के बाद कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

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