
(पत्रिका ब्यूरो,गुवाहाटी): असम विधानसभा में पहली बार विधायक बने भाजपा नेता तेरस ग्वाला ने मंगलवार को विधायक पद से इस्तीफा देने का एलान किया। उन्होंने विधानसभा की सदस्यता से अपना इस्तीफा मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल को भेज दिया।
यह बताई वजह
तेरस दुलियाजान विधानसभा से विधायक हैं। उन्होंने इस्तीफा दुलियाजान स्थित असम गैस कंपनी का अध्यक्ष पद सदिया के विधायक बलीन चेतिया को देने के चलते दिया है। जब उनसे खासकर असम गैस कंपनी लिमिटेड में उन्हें कोई पद नहीं देने के मुद्दे के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि यह वजह है।
जनता को मुझसे आकांक्षाएं
असम गैस कंपनी का कार्यालय दुलियाजान में है और वहां के लोगों ने मुझे अपना प्रतिनिधि चुना है। उनकी मुझसे कुछ आकांक्षाएं हैं, लेकिन मुझसे संपर्क किए बगैर ही कंपनी में नियुक्ति कर दी गई। मैं यह नहीं कह रहा कि आप मुझे यह पद दे दीजिए लेकिन कम से कम मुझसे संपर्क तो किया जाना चाहिए था। जब गोवाला से पूछा गया कि क्या पार्टी के दबाव में इस्तीफा वापस लेने की संभावना है, तो उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को मुद्दों के बारे में बता दिया है। यदि मुझे संतोषजनक उत्तर मिलता है, तो मैं उस पर पुनर्विचार कर सकता हूं। ग्वाला ने यह भी कहा कि उन्होंने त्यागपत्र विधानसभा अध्यक्ष हितेंद्र नाथ गोस्वामी को नहीं भेजा है, अपने निर्वाचन क्षेत्र के लोगों के साथ विचार विमर्श करने के बाद वह ऐसा करेंगे।
गौरतलब है कि असम की 126 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा के 61 प्रतिनिधि हैं। सोनोवाल ने सोमवार को 40 सरकारी निकायों में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और निदेशक के तौर पर भाजपा, असम गण परिषद और बोडोलैंड पीपल्स फ्रंट (बीपीएफ) के नेताओं समेत कई व्यक्तियों की नियुक्ति की थी ।पार्टी में अब धीरे-धीरे इन सब बातों को लेकर अंदर ही अंदर अंसतोष पनपा है।यह आनेवाले समय में अधिक फूटने की आशंका है।