ग्वालियर

बोर्ड परीक्षा देने से 37 छात्र वंचित, स्कूल संचालक पर मामला दर्ज, सच्चाई जान आप भी रह जाएंगे हैरान

37 छात्रों को नहीं मिल सकी परीक्षा की अनुमति
2 min read
Mar 09, 2020
37 students not give board exam,school operator case filed
बोर्ड परीक्षा देने से 37 छात्र वंचित, स्कूल संचालक पर मामला दर्ज,सच्चाई जान आप भी रह जाएंगे हैरान

ग्वालियर। बोर्ड परीक्षा में छात्र-छात्राओं को परीक्षा से वंचित कर उनका साल खराब करने के मामले में पुलिस ने दो स्कूल संचालकों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। जिन स्कूल संचालकों पर मामला दर्ज हुआ है उनमें महारानी मनुबाई उच्चतर माध्यमिक विद्यालय संचालक श्याम सुंदर पुजारी एवं खेरापति सरकार पब्लिक स्कूल संचालक रविंद्र सिंह भदौरिया शामिल हैं। आरोपियों को अभी गिरफ्तार नहीं किया गया है।

स्कूल संचालकों की वजह से 37 छात्र-छात्राओं के इस साल बोर्ड परीक्षा के फार्म नहीं भर सके और वह परीक्षा से वंचित रह गए। उल्लेखनीय हैकि इस साल की बारहवीं की बोर्ड परीक्षा में सेंवढ़ा तहसील क्षेत्र के 37 छात्र-छात्राएं शामिल नहीं हो पाए हैं। परीक्षा से वंचित छात्र-छात्राओं का कहना है कि उन्होंने कामद रोड पर संचालित महारानी मनुबाई उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में कृषि व विज्ञान संकाय में प्रवेश लिया था। स्कूल संचालक उनसे फीस ऐंठता रहा।

परीक्षा के कुछ दिन पहले प्रवेश पत्र की मांग करने पर वह टालता रहा और फीस भी ले ली, लेकिन परीक्षा केंद्र पर पहुंचने पर उन्हें पता चला कि उनका प्रवेश पत्र ही नहीं आया। छात्रों के साथ हुई इस धोखाधड़ी पर जिला शिक्षा अधिकारी संजय श्रीवास्तव द्वारा महारानी मनुबाई उच्चतर माध्यमिक विद्यालय को सील किया गया है।

परीक्षा से वंचित रहने के बाद छात्र-छात्राओं ने एफआईआर दर्ज किए जाने की मांग को लेकर थाना पुलिस को आवेदन दिया था। छात्र-छात्राओं के आवेदन की जांच तथा जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा दिए गए जांच प्रतिवेदन के आधार पर पुलिस ने दोनों स्कूल संचालकों के खिलाफ धारा 420, 406 आईपीसी के तहत मामला पंजीबद्ध कर जांच शुरू कर दी है।

छात्रों का साल ऐसे हुआ बर्बाद
महारानी मनुबाई उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के पास कक्षा बारहवीं में सिर्फ कला संकाय की मान्यता है। छात्र-छात्राओं से फीस ऐंठने के लिए स्कूल संचालक ने खेरापति सरकार पब्लिक स्कूल के संचालक से संपर्क किया और वहां एडमीशन दर्शाने का ठेका दे दिया। बताया जाता है कि स्कूल संचालकों में लेनदेन को लेकर विवाद हो जाने के बाद खेरापति सरकार स्कूल के संचालक ने छात्र - छात्राओं का पंजीयन नहीं किया। इससे 37 छात्र - छात्राएं परीक्षा देने से वंंचित रह गए।

Updated on:
09 Mar 2020 02:16 pm
Published on:
09 Mar 2020 02:16 pm