
Master Plan Road gwalior: मध्यप्रदेश के ग्वालियर शहर में किलागेट से नौमहला वार्ड तक मास्टर प्लान के तहत प्रस्तावित सड़क चौड़ीकरण का रास्ता अब साफ होने लगा है। लंबे समय से अतिक्रमण के कारण संकरी हो चुकी इस सड़क को 14 मीटर चौड़ा करने की योजना पर निगम ने सड़क निर्माण में बाधा बन रही 380 संपत्तियों के मालिकों को नोटिस जारी कर दिए है। नोटिस की समय सीमा पूरी होने के बाद प्रशासन की संयुक्त टीम अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू करेगी।
निगम के सर्वे में सामने आया है कि इस मार्ग पर मकान, दुकान, प्लॉट और अस्थाई निर्माण सहित कुल 380 संपत्तियां सड़क चौड़ीकरण में बाधक बन रही है। निगम ने सभी संबंधित संपत्ति स्वामियों को स्वयं अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए हैं। यदि तय समय में 5 निर्माण नहीं हटाए गए तो निगम का अमला बलपूर्वक कार्रवाई करेगा। कार्रवाई में आने वाला खर्च भी संबंधित भवन स्वामियों से वसूल किया जाएगा।
किलागेट से नौमहला वार्ड तक का मार्ग वर्तमान में यातायात के भारी दबाव से जूझ रहा है। इस क्षेत्र में दिनभर लोगों की आवाजाही रहती है, लेकिन सड़क की चौड़ाई कम होने के कारण आए दिन जाम की स्थिति बनती है। कई स्थानों पर सड़क महज 6 से 7 मीटर तक सिमट गई है, जबकि मास्टर प्लान के अनुसार इसे 14 मीटर चौड़ा किया जाना है। सड़क चौड़ी होने के बाद किलागेट, किले के पिछले हिस्से और आसपास के क्षेत्रों में यातायात व्यवस्था बेहतर होने की उम्मीद है। साथ ही ऐतिहासिक क्षेत्र में आने वाले पर्यटकों और स्थानीय लोगों को भी सुविधा मिलेगी।
सड़क चौड़ीकरण में बाधा बनने वाली संपत्तियां दो जोन में विभाजित हैं। जोन क्रमांक-1 में 40 संपत्तियां चिन्हित की गई है। वहीं जोन क्रमांक-2 में सबसे अधिक 340 संपत्तियां बाधक हैं। निगम ने सभी संपत्तियों को चिह्नित कर नोटिस जारी किए हैं। अब नोटिस प्रक्रिया पूरी होने के बाद कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
बीते दिनों पहले ही शहर के सबसे व्यस्त मार्गों में शामिल एबी रोड (गोलपहाड़िया) पर मकान, दुकान, प्लॉट और टीनशेड सहित करीब 250 अतिक्रमण चिह्नित किए गए थे। अधिकारियों का मानना है कि ये निर्माण यातायात बाधित करने के साथ दुर्घटनाओं का जोखिम भी बढ़ा रहे हैं। यहां भी जल्द कार्रवाई शुरू होने की संभावना है।
मास्टर प्लान के तहत सड़क चौड़ीकरण विभाग की प्राथमिकता है। जिन लोगों को पहले नोटिस दिए गए थे, उनकी समय-सीमा समाप्त हो चुकी है। जिला प्रशासन, नगर निगम और पीडब्ल्यूडी की संयुक्त टीम पुलिस बल के साथ जल्द मैदानी कार्रवाई शुरू करेगी। अधिकारियों का दावा है कि इस बार अभियान बिना किसी दबाव और भेदभाव के चलाया जाएगा, ताकि शहर की प्रमुख सड़कों को चौड़ा कर यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाया जा सके।