ग्वालियर

एमपी के इस शहर के लिए बड़ा खतरा बने 40 हजार वाहन, सात रुपए बचाने दांव पर लगी लाखों जिंदगियां

Gwalior- गर्मी में लापरवाही पर बैट्री ब्लास्ट का बढ़ा खतरा, 40000 से अधिक इलेक्ट्रिक वाहन रिहायशी क्षेत्रों में घरों के अंदर ही हो रहे चार्ज, एक्सपर्ट बोले - बगैर सुरक्षा इंतजाम जानलेवा है घरेलू चार्जिंग, घरों की कमजोर वायरिंग पर 'हाई लोड' का प्रहार,
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EV Charging
Gwalior EV Charging News- demo pic

Gwalior- मध्यप्रदेश की व्यवसायिक राजधानी इंदौर में आगजनी की घटना के बाद भी लोगों ने सबक नहीं लिया। ग्वालियर शहर की सड़कों पर दौड़ रहे 40000 से ज्यादा ई-वाहन हर रात रिहायशी इलाकों के घरों में चार्ज हो रहे हैं। गर्मी और बढ़ते तापमान के बीच, बिना किसी सुरक्षा मानकों के घरों में की जा रही यह चार्जिंग किसी बड़े हादसे को न्योता दे रही है। महज 7-8 रुपए की बचत के चक्कर में लोग कमर्शियल स्टेशन जाने के बजाय अपनी और अपने परिवार की जान जोखिम में डाल रहे हैं। नगर निगम ने शहर में जो चार्जिंग स्टेशन बनाए हैं, वहां चार्जिंग की दर 15 रुपये प्रति यूनिट है। इसके विपरीत, घरों में घरेलू बिजली की दर 6 से 7 रुपये प्रति यूनिट पड़ती है। इसी आधे खर्च के लालच में लोग सार्वजनिक स्टेशनों से दूरी बना रहे हैं। आलम यह है कि नगर निगम के तरुण पुष्कर स्थित स्टेशन पर बीते 18 दिनों में महज 50 गाडिय़ां चार्ज हुईं, जिससे निगम को सिर्फ 4220 रुपये की आय हुई।

क्यों जानलेवा है घरेलू चार्जिंग?

  1. कमजोर वायरिंग: घरों की सामान्य वायरिंग हाई वोल्टेज और लंबे समय तक चलने वाले हाई लोड के लिए नहीं बनी होती। तार गर्म होकर पिघल जाते हैं जिससे शॉर्ट सर्किट होता 2. लोकल चार्जर का मायाजाल: सस्ते और गैर-मानक चार्जर वोल्टेज को कंट्रोल नहीं कर पाते, जिससे बैटरी ओवरहीट होकर फट सकती है।
  2. अर्थिंग और ऑटो- कट की कमी: अधिकतर घरों में उचित अर्थिंग और 'ऑटो कट एमसीबी' नहीं होती, जो करंट लगने या आग लगने पर बिजली सप्लाई काट सके।
  3. वेंटिलेशन का अभाव: तंग गैरेज या बंद कमरों में चार्जिंग करने से बैटरी से निकलने वाली गर्मी बाहर नहीं निकल पाती, जिससे ब्लास्ट का खतरा बढ़ जाता है।
  4. रातभर लावारिस चार्जिंग: सबसे खतरनाक आदत रातभर गाड़ी को चार्जिंग पर छोड़ देना है, जिससे बैटरी ओवरचार्ज होकर 'थर्मल रनवे' (आग का गोला) बन जाती है।

ग्वालियर में ई-वाहनों का 'कुनबा'

दोपहिया (ई-बाइक) 20,985
चार पहिया ( ई-कार) 3,615
ई-रिक्शा 15,000
कुल सक्रिय वाहन 940,000

एक्सपर्ट की चेतावनी

ननि के सेवानिवृत्त कार्यपालन यंत्री (विद्युत) देवी सिंह राठौर के अनुसार घरेलू लाइट से ईवी चार्ज करना तकनीकी रूप से असुरक्षित है। बिजली विभाग से अलग कनेक्शन लेना चाहिए और घर पर प्रॉपर अर्थिंग, ऑटो कट सिस्टम और केबङ्क्षलग का सेटअप होना अनिवार्य है। निगम और बिजली विभाग को भी जागरूकता अभियान चलाना चाहिए ताकि लोग सस्ते के चक्कर में जान न गंवाएं।

जल्द खुलेंगे नए स्टेशन

नगर निगम चार्जिंग स्टेशन प्रभारी अभिलाषा बघेल के अनुसार, सिटी सेंटर स्थित सालासर मॉल और कंपू स्थित चार्जिंग स्टेशन भी जल्द चालू होंगे। वहां सिर्फ ट्रांसफार्मर रखने का काम शेष है। निगम अब इन स्टेशनों के प्रचार-प्रसार पर भी ध्यान दे रहा है ताकि लोग घरों के बजाय सुरक्षित स्थानों पर गाडिय़ां चार्ज करें।

Updated on:
31 Mar 2026 08:00 am
Published on:
31 Mar 2026 08:00 am