ग्वालियर जिला प्रशासन ने बाढ़ पीड़ितों के लिये की खाने और रहने की व्यवस्था, समाजसेवी भी आगे आए।
ग्वालियर/ उत्तरी मध्य प्रदेश में तेज बारिश के चलते उत्पन्न हुए बाढ़ के हालात ने हाहाकार मचा दिया है। ग्वालियर-चंबल संभाग के ज्यादातर जिले बुरी तरह बाढ़ की चपेट में हैं।ऐसे में एक तरफ तो वायु सेना और अन्य बचाव दल ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने में जुटे हुए हैं, तो वहीं ग्वालियर जिला प्रशासन बाढ़ प्रभावितों के रहने और खाने की व्यवस्था कर रही है। यही नहीं, जिले समेत प्रदेशभर की कई समाज सेवी संस्थाएं और आमजन पीड़ितों की मदद के लिये आगे आकर हर संभव मदद करने में जुटे हुए हैं।
इन क्षेत्रों में जिला प्रशासन ने की रहने और खाने की व्यवस्था
ग्वालियर जिला प्रशासन की ओर से जिले के बाढ़ प्रभावित लोगों के लिये सुरक्षित स्थानों पर राहत-पुनर्वास केंद्र बनाए हैं। यही नहीं उनके लिये खाने और रहने की व्यवस्था भी की जा रही है। ग्राम करहिया समेत अन्य पुनर्वास स्थलों पर ग्रमीणों को भोजन कराया जा रहा है। वहीं, भितरवार जनपद पंचायत के अंतर्गत लखेश्वरी माता मंदिर परिसर में भी बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए रहने और खाने की व्यवस्था की गई है। ग्वालियर जिला प्रशासन द्वारा पाढ़ प्रभावितों के लिये की जा रही इस व्यवस्था में आमजन और समाजसेवी संस्थाएं भी सहयोग कर रही हैं।
मेडिकल कैंप लगाकर किया जा रहा पीड़ितों का उपचार
रानीघाटी स्थित गौशाला भी बाढ़ से प्रभावित लोगों के लिए पुनर्वास केंद्र बनाया गया है। गौशाला संचालकों का कहना है कि, लोगों के रहने और खाने की व्यवस्था गौशाला से जुड़े लोगों द्वारा भी की जा रही है। इस समय यहां इंसान और पशु एक साथ हैं और एक दूसरे की तकलीफों को समझ रहे हैं। खास बात ये है कि, पीड़ितों के उपचार के लिये गोशाला समेत कई इलाकों में मेडिकल कैंप भी लगाए गए हैं।
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