ग्वालियर

दिल्ली-मुंबई जाने का झंझट खत्म! एमपी के इस अस्पताल में कैंसर का सबसे सस्ता इलाज

Cancer Treatment: मध्य प्रदेश के ग्वालियर इस अस्पताल में आने वाली हैं अत्याधुनिक कैंसर ट्रीटमेंट मशीनें, कैंसर मरीज करा सकेंगे सस्ता इलाज, आयुष्मान कार्ड धारक मरीजों को मुफ्त में मिलेगा इलाज

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Cancer Treatment in gwalior jaya arogya hospital: जल्द लगने वाली हैं अत्याधुनिक मशीनें (Photo: patrika Creative)

Cancer Treatment in Gwalior Jaya Arogya hospital: अंचल के कैंसर मरीजों के लिए राहत की खबर है। करीब एक दशक से भी लंबा इंतजार अब खत्म होने को है। जयारोग्य चिकित्सालय के कैंसर विभाग (Cancer Treatment in Gwalior Jaya Arogya hospital) में 50 करोड़ रुपये की लागत से चार विश्वस्तरीय और अत्याधुनिक मशीनें पूरी तरह तैयार हैं। इन मशीनों के आने से कैंसर का जो जटिल इलाज दिल्ली, मुंबई जैसे महानगरों के निजी अस्पतालों में 2 से 5 लाख रुपये में होता है, वह यहां महज 10 से 20 हजार रुपये में संभव होगा, आयुष्मान कार्ड धारकों के लिए यह पूरी तरह नि:शुल्क रहेगा।

इन मशीनों के अगले माह तक आने की संभावना है, डॉक्टरों का दावा है कि आते ही इनको इंस्टॉल कराने के बाद इलाज शुरू कर दिया जाएगा। इन मशीनों का ग्वालियर तक पहुंचने का सफर किसी संघर्ष से कम नहीं रहा।

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2015 में मिल गई थी मशीनों की स्वीकृति

2015 में शासन नेग्वालियर को स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट (Cancer Treatment in Gwalior Jaya Arogya hospital) की तर्ज पर विकसित करने के लिए मशीनों की स्वीकृति दी। 2018 तक तीन साल की कागजी कसरत के बाद फंड जारी हुआ। जब टेंडर प्रक्रिया शुरू हुई, तब कोविड महामारी ने पूरी दुनिया को रोक दिया, जिससे ऑर्डर अटक गए। 2024-26 में मशीनों को रेडिएशन से सुरक्षित रखने के लिए 7 करोड़ की लागत से विशेष बंकर और नई बिल्डिंग तैयार की गई।

ये चार मशीनें जो बदल देंगी कैंसर इलाज की तस्वीर

कैंसर विभाग के रेडियोथैरेपी सेक्शन में अब ये अत्याधुनिक तकनीकें उपलब्ध होंगी-

1. डुअल-एनर्जी लीनियर एक्सीलरेटर: यह मशीन स्वस्थ ऊतकों को नुकसान पहुंचाए बिना सीधे कैंसर कोशिकाओं पर सटीक वार करती है।

2. सीटी स्यिुलेटर: रेडिएशन देने से पहले यह ट्यूमर का सटीक थ्रीडी डिजिटल नक्शा बनाती है, जिससे रेडिएशन की सही डोज तय होती है।

3. ब्रेकी थैरेपी: यह आंतरिक रेडिएशन तकनीक महिलाओं के गर्भाशय ग्रीवा (सर्विक्स), प्रोस्टेट और ब्रेस्ट कैंसर के इलाज के लिए रामबाण मानी जाती है।

4. पेट सीटी : इससे शरीर के किसी भी हिस्से में कैंसर के प्रसार की शुरुआती स्टेज में ही पहचान हो सकेगी।

विशेषज्ञों की राय

इन अत्याधुनिक मशीनों के आने से मरीजों को दिल्ली-मुंबई जाने और लाखों रुपये के भारी-भरकम खर्च से बड़ी राहत (Cancer Treatment in Gwalior Jaya Arogya hospital) मिलेगी। हमारा जीआर मेडिकल कॉलेज प्रदेश का ऐसा पहला मेडिकल कॉलेज होगा, जिसमें कैंसर इलाज के लिए एक साथ इतनी आधुनिक मशीनें उपलब्ध होंगी।

-डॉ. अक्षय निगम, एचओडी, कैंसर विभाग

विशेष रूम और बंकर तैयार

मशीनों को रखने के लिए विशेष रूम और बंकर बनकर तैयार हो चुके हैं। संभवत: जल्द ही मशीनें यहां पहुंच जाएंगी, जिससे दूर-दराज से आने वाले गरीब मरीजों को बहुत बड़ा फायदा (Cancer Treatment in Gwalior Jaya Arogya hospital) मिलेगा।

-डॉ. मनीष चतुर्वेदी, प्रवक्ता, जीआरएमसी

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Published on:
19 May 2026 10:07 am
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