
Gwalior news: मध्यप्रदेश के सीएम डॉ. मोहन यादव ने किसानों को सरकार की प्राथमिकता बताते हुए कहा, सीमा पर जवान और खेत में किसान, दोनों देश की ताकत हैं। जवान देश की रक्षा के लिए जान दांव पर लगाता है, वहीं किसान खेतों में मेहनत कर पूरे देश का पेट भरता है। सीएम ने किसानों के बैंक और सोसायटी खातों में होने वाली गड़बड़ियों का मुद्दा उठाते हुए कहा, कई बार कर्मचारी की गलती अथवा धोखाधड़ी का खामियाजा किसान को भुगतना पड़ता है और उसे डिफॉल्टर घोषित कर दिया जाता है। उन्होंने कहा, अब यह नहीं चलेगा। जिसने गड़बड़ी की है, उसे जेल भेजेंगे और किसान के नुकसान की भरपाई सरकार करेगी। इसके लिए कवच योजना लागू की गई है। सीएम ने किसानों से अपनी कृषि भूमि न बेचने की अपील करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश जल्द ही पंजाब और हरियाणा को पीछे छोड़कर खेती में देश का नंबर-1 राज्य बनेगा।
सहकारिता को बलः जिला केंद्रीय सहकारी बैंक शिवपुरी को आर्थिक मदद की घोषणा के साथ 200 नए पैक्स कार्यालयों और अपेक्स बैंक की संभागीय शाखा (ग्वालियर) का शुभारंभ किया गया।
किसान कल्याण वर्षः सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने बताया कि मुख्यमंत्री की पहल पर वर्ष 2026 को 'कृषक कल्याण वर्ष' के रूप में मनाया जा रहा है। अब तक 22 जिलों में बलराम कृषि महोत्सव आयोजित किए जा चुके हैं।
ज्योतिरादित्य सिंधिया (केंद्रीय मंत्री): ड्रोन और अक्षय ऊर्जा जैसी आधुनिक तकनीक से किसान समृद्ध होंगे। ग्वालियर-कोटा ब्रॉडगेज लाइन और सिंचाई परियोजनाओं से कृषि का विस्तार हो रहा है। पीएम किसान सम्मान निधि के तहत पौने 5 लाख करोड रुपए किसानों के खातों में पहुंचे हैं।
नरेन्द्र सिंह तोमर: (विधानसभा अध्यक्ष): मध्यप्रदेश जैविक खेती करने और शून्य ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराने में देश में प्रथम स्थान पर है।
सीएम ने अपील की, जिनके पास खेती की जमीन है, वे उसे बेचें नहीं। मप्र आने वाले समय में खेती के क्षेत्र में पंजाब और हरियाणा को भी पीछे छोड़ने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने किसानों से फिजूलखर्ची से बचने और सरकार की योजनाओं का लाभ लेकर आगे बढने का आह्वान किया।
सीएम ने कांग्रेस के समय बिजली व्यवस्था पर कटाक्ष करते हुए कहा, पहले किसानों को खेती के लिए डीजल की केन लेकर भटकना पड़ता था। अब परिस्थितियां बदल गई हैं। किसानों को सिंचाई के लिए रात में जागना न पड़े, इसके लिए सरकार दिन में 10 घंटे बिजली उपलब्ध कराने की दिशा में काम कर रही है।