हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने जमानतर्ता को जमानत देने से पहले रखी अनोखी शर्त, अस्पताल में लगवाना होगी LED TV, पर मेड इन चाइना नहीं होना चाहिए।
ग्वालियर/ आरोपियों को कोरोना वारियर्स ( coronawarrior ) , पीएम केयर्स फंड ( PM CARES Fund ) और प्रवासियों के भोजन के लिए राशि जमा कराने की शर्त पर जमानत देने वाली मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ( gwalior highcourt ) ने अब याचिककार्ता को एक नई शर्त मानने पर हामी भरने के बाद जमानत देने के आदेश जारी किये हैं। जमानतकर्ता को आदेश दिया गया है कि, उसे इस शर्त पर जमानत दी जाती है कि, शहर के रेनबेसरा या जिला अस्पताल में एलइडी टीवी लगानी होगी। इसके साथ ही, एक शर्त ये भी रखी है ये कि, टीवी भारत या अन्य किसी देश का निर्मित तो हो सकता है, लेकिन चीन का बना ( made in china ) नहीं होना चाहिए।
कम से कम 25 हजार की होनी चाहिए LED- आदेश
वीडियो कान्फ्रेंसिंग से मामले की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ के जस्टिस शील नागू ने आदेश जारी करते हुए कहा है कि, याचिकाकर्ता को रेनबसेरा या जिला अस्पताल मुरार में रंगीन एलईडी टीवी लगना होगी। जस्टिस ने अपने आदेश में ये भी कहा कि, एलईडी टीवी की कीमत कम से कम 25,000 रुपए होना भी जरूरी है। एलइडी लगाने के बाद याचिकाकर्ता को उसकी फोटो खींचकर अदालत को दिखाना होगा। इसके बाद ही उससकी जमानत याचिका मंजूर होगी।
पूछताछ की आवश्यकता नहीं थी इसलिए दी जमानत
याचिकाकर्ता को भादसं की धारा 307 के तहत बड़ौनी जिला दतिया पुलिस ने 18 फरवरी 2020 को गिरफ्तार किया था। हाईकोर्ट ने कहा, मामले में आरोप पत्र पिछले महीने दायर किया गया था और इसलिए, उन्हें अब हिरासत में पूछताछ की आवश्यकता नहीं थी। इसलिए, जस्टिस नागू ने उन्हें 25,000 रुपये के निजी मुचलके पर जमानत देने का फैसला किया है।