Crime news: कॉलेज कैंपस में 'वर्चस्व की लड़ाई' अब सड़कों पर खून बनकर उत्तर आई है। मंगलवार दोपहर मध्यप्रदेश के ग्वालियर जिले में सिथोली रोड पर छात्रों के दो गुटों के बीच हुई खूनी भिड़ंत ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी।
Crime news: कॉलेज कैंपस में 'वर्चस्व की लड़ाई' अब सड़कों पर खून बनकर उत्तर आई है। मंगलवार दोपहर मध्यप्रदेश के ग्वालियर जिले में सिथोली रोड पर छात्रों के दो गुटों के बीच हुई खूनी भिड़ंत ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी। पुरानी रंजिश का बदला लेने के लिए छह युवकों ने एक निजी विश्वविद्यालय के छात्र को न केवल दौड़ा-दौड़ा कर लाठियों से पीटा, बल्कि जान बचाने के लिए भागते समय उस पर तमंचे से गोलियां भी चला दीं। दिनदहाड़े हुई इस वारदात का वीडियो राहगीरों ने बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया है, जो शहर में खुलेआम चल रही गुंडागर्दी की गवाही दे रहा है।
घटना श्री विहार कॉलोनी, बहोड़ापुर निवासी ऋषभ परमार (21) के साथ हुई। वह निजी विश्वविद्यालय का छात्र है और उसका उसी कॉलेज में पढ़ने वाले नीलेश बघेल, हर्षित भदौरिया से 'वर्चस्व' को लेकर पुराना विवाद चल रहा है। मंगलवार दोपहर करीब 2 बजे जब ऋषभ अपने दोस्तों के साथ सिकरौदा जा रहा था, तभी सिथोली रोड पर नीलेश बघेल, हर्षित भदौरिया और नागर गुर्जर ने उसे रोक लिया। उन्होंने ऋषभ को बाइक से खींचकर सडक पर पटक दिया और लाठियों से तब तक पीटा जब तक वह जान बचाकर भागने लगा।
हमलावर यहीं नहीं रुके। उन्होंने मनीष गुर्जर, विवेक गुर्जर और शेखर कंसाना को आगे बाइक लगाकर ऋषभ को सड़क पर पटक कर फिर से पीटना शुरू कर दिया। जब ऋषभ के दोस्त ओमकार दीक्षित, हर्षित दीक्षित और कृष्णा शर्मा उसे बचाने दौड़े, तो हमलावरों में शामिल नीलेश बघेल ने तमंचे से गोलियां चला दीं। गोलीबारी की इस घटना से हाइवे पर अफरातफरी मच गई।
झांसी रोल थाना टीआई शक्ति सिंह यादव ने बताया कि यह वारदात कॉलेज में वर्चस्व को लेकर चल रहे विवाद का नतीजा है। पिछले महीने ही ऋषभ परमार पर मारपीट का एक मामला दर्ज हुआ था, जिसका बदला लेने के लिए दूसरे गुट ने यह योजनाबद्ध तरीके से हमला किया। पुलिस ने छह आरोपियों (नीलेश बघेल, हर्षित भदौरिया, नागर गुर्जर, मनीष गुर्जर, विवेक गुर्जर और शेखर कंसाना) के खिलाफ आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया है और उनकी तलाश शुरू कर दी है।