
Gwalior News :मध्य प्रदेश के अंतर्गत आने वाले ग्वालियर-चंबल अंचल में पुलिस के लिए चुनौती बने 30 हजार रुपए के इनामी डकैत कल्ली गुर्जर की तलाश में पुलिस ने घाटीगांव और पनिहार के जंगलों में सर्च ऑपरेशन शुरु कर दिया है। पुलिस को जानकारी मिली थी कि, मुरैना में मुखबिर पर हमला करने के बाद कल्ली गुर्जर अपने गिरोह के साथ ग्वालियर के जंगलों में डेरा डाले हुआ है। आशंका है कि वह पुरानी दुश्मनी का बदला लेने के लिए कुछ लोगों को निशाना बनाने की फिराक में है।
पुलिस के मुताबिक, कल्ली गुर्जर की गैंग के राई गांव के आसपास डेरा जमाने की सूचना मिली थी। इसके बाद रात करीब 2 बजे से पुलिस ने गांव और आसपास के जंगलों में घेराबंदी शुरू की। सुबह करीब पांच बजे हल्का उजाला होने पर उन संभावित ठिकानों पर दबिश दी गई, जहां पुलिस को गिरोह के छिपे होने की आशंका थी। इस सर्चिंग अभियान में क्राइम ब्रांच के साथ पनिहार, घाटीगांव और आरोन थाना पुलिस की टीमें मौजूद थीं।
मामले की जानकारी देते हुए एसआई अभिनव शर्मा ने बताया कि, पुलिस ने संभावित ठिकानों पर तलाशी ली, लेकिन डकैत और उसके साथी हाथ नहीं लग सके। आशंका है कि, पुलिस की गतिविधियों की भनक लगने के बाद गिरोह जंगल के रास्ते फरार हो गया है। फिलहाल, पुलिस राई गांव, डूंढापुरा, निरपतपुरा और आसपास के जंगलों में कल्ली समेत गैंग के सदस्यों को तलाश रही है।
बताया जा रहा है कि, राई गांव और घाटीगांव इलाके के निरपतपुरा में कुछ लोगों से कल्ली गुर्जर की पुरानी दुश्मनी बताई जा रही है। यही कारण है कि, पुलिस को आशंका है कि, गिरोह बदला लेने के इरादे से इन इलाकों में आया है।
कल्ली गुर्जर और उसके साथियों पर मोहना हाईवे पर चौथ वसूली के लिए ट्राला रोकने का भी आरोप है। बताया गया है कि, गिरोह ने ट्राले के टायरों पर गोलियां चलाकर उसे रोक दिया था। इसके बाद चालक को धमकी दी थी कि, हाईवे पर वाहन चलाना है तो टैक्स देना पड़ेगा। फिलहाल, पुलिस अब डकैत कल्ली गुर्जर और उसके साथियों को तलाश रही है। पुलिस द्वारा जल्द ही, गिरोह को दबोचने का दावा किया जा रहा है।