MP news: स्थानीय युवकों ने टंकी के अंदर झांककर देखा तो उन्हें उसमें मारा हुआ सांप मिला। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है।
Dead Snake found in water tank: मध्य प्रदेश की संगीत नगरी ग्वालियर से हजारों लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ का बड़ा मामला सामने आ रहा। ग्वालियर नगर निगम के वार्ड 10 स्थित घासमंडी इलाके में उस समय हडक़ंप मच गया, जब क्षेत्र की पानी की टंकी में मरा हुआ सांप मिलने की जानकारी सामने आई। बताया जा रहा है कि इसी टंकी से पूरे वार्ड में पेयजल सप्लाई की जाती है, जिससे हजारों लोग दूषित पानी पीने को मजबूर हो गए। मिली जानकारी के अनुसार, इस टंकी से करीब 19 हजार लोगों के घर में पानी सप्लाई किया जाता था। स्थानीय युवकों ने टंकी के अंदर झांककर देखा तो उन्हें उसमें मारा हुआ सांप मिला। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है। (MP news)
घटना के बाद क्षेत्रीय लोगों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। स्थानीय रहवासियों का आरोप है कि नगर निगम द्वारा लंबे समय से पानी की टंकियों की नियमित सफाई नहीं कराई जा रही है। सफाई और मेंटेनेंस के अभाव में टंकी की हालत खराब हो चुकी है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते टंकी की सफाई होती तो ऐसी गंभीर लापरवाही सामने नहीं आती।
रहवासियों ने बताया, कई दिनों से पानी में बदबू और गंदगी की शिकायत आ रही थी, लेकिन निगम अधिकारियों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। अब टंकी में मरा सांप मिलने के बाद लोगों में बीमारी फैलने का डर बढ़ गया है। नागरिकों ने तुरंत टंकी की सफाई, पानी की जांच और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है।
लगातार आ रही शिकायत के बाद क्षेत्र के कुछ युवक पानी की टंकी को चेक करने के लिए गए। उन्होंने जब टंकी का ढक्कन खोला तो उनके होश उड़ गए। उन्हें टंकी में एक मरा हुआ सांप दिखाई दिया। उन्होंने डंडे से मरे हुए सांप को बाहर निकाला और उसका वीडियो बना लिया। यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
बता दें कि, ग्वालियर में इस तरह का पहला मामला नहीं है जब नगर निगम द्वारा इस तरह की लापरवाही और अनदेखी सामने आई हो। करीब डेढ़ महीने पहले भी एक ऐसा ही मामला सामने आया था जहां पानी की टंकी में मरी हुई छिपकलियां मिली थी। मार्च महीने में मानपुर क्षेत्र में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बने फ्लैटों की पानी की टंकी में मरी हुई पांच छिपकलियां मिलीं थी। इस टंकी से करीब 1300 फ्लैटों में रहने वाले 5000 हजार लोगों को पानी की सप्लाई की जाती थी। (MP news)