
Delhi Jantar Mantar Suicide case update: अंबाह निवासी एक युवक ने सोमवार सुबह दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरना देते समय गोली मारकर आत्महत्या कर ली। मृतक लोकेश सक्सेना (45) पुत्र प्रेमकुमार सक्सेना अपनी बहन को उसके पति की जगह अनुकंपा नियुक्ति दिलाने के लिए पिछले पांच साल से दफ्तरों के चक्कर लगा रहा था। लोकेश के जीजा आदित्य श्रीवास्तव जौरा विकासखंड के शासकीय हायर सेकंडरी स्कूल सरसेनी में भृत्य के पद पर नियुक्त थे, जिनकी मृत्यु 2019 में हो गई थी।
लोकेश अपनी बहन रश्मि सक्सेना (आदित्य की पत्नी) को अनुकंपा नियुक्ति दिलाने की मांग कर रहा था। स्थानीय स्तर पर अधिकारियों को कई बार आवेदन देने के बावजूद मामले का निराकरण नहीं हो सका, जिससे परेशान होकर लोकेश दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरना देने गया था।
शिक्षा विभाग की स्थापना शाखा के मुताबिक, मामला उत्तराधिकारी विवाद के चलते लटका हुआ था। मृतक आदित्य श्रीवास्तव की मां सरोज श्रीवास्तव और पत्नी रश्मि सक्सेना दोनों ही अनुकंपा नियुक्ति के दावेदार थे। 2019 में उत्तराधिकारी प्रमाणपत्र के लिए पत्र भेजे जाने के बावजूद, इस पर कोई निर्णय नहीं हो सका था। इस अनिश्चितता के कारण लोकेश बेहद दुखी था। लोकेश ने 10 नवंबर को धरना देने की अनुमति ली थी।
विवाद सुलझने की उम्मीद न दिखने पर उसने सोमवार सुबह धरना स्थल पर खुद को गोली मार ली। दिल्ली पुलिस ने घटनास्थल से एक देसी पिस्तौल बरामद की है और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
आदित्य श्रीवास्तव की मृत्यु उपरांत उनके स्थान पर किसी परिजन की अनुकंपा नियुक्ति के लिए हमारे पास कोई आवेदन नहीं आया था। आदित्य की दो पत्नियां जिसमें पहली शादी हुई थी रश्मि श्रीवास्तव से, उससे तलाक हो गया। दूसरी पत्नी रश्मि सक्सेना है और उसकी मां भी है। अनुकंपा की मांग मां व दूसरी पत्नी रश्मि सक्सेना कर रही थीं। नियमानुसार परिवार के जिस सदस्य के नाम नोमीनेशन होता है, उसको नौकरी मिलती है। नोमीनेशन एक भी सदस्य प्रस्तुत नहीं कर सके।
एस के सक्सेना, जिला शिक्षा अधिकारी, मुरैना