ग्वालियर

स्मार्ट मीटर लगने के बाद ‘बिजली बिल’ ज्यादा आ रहा तो करें ये 3 काम, ग्वालियर में टेस्टिंग शुरू

Smart Meter: स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिजली बिल डेढ़ से दोगुना बढ़ने की शिकायतें आ रही हैं। बिजली कंपनी पुराने मीटर को समानांतर लगाकर तुलनात्मक जांच कर रही है और दावा करती है कि नए मीटर अधिक सटीक हैं।
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स्मार्ट मीटर (Photo Source - Patrika)
स्मार्ट मीटर (Photo Source - Patrika)

Gwalior news: मध्यप्रदेश के ग्वालियर-चंबल में तेजी से लगाए जा रहे हाईटेक स्मार्ट मीटर अब उपभोक्ताओं की जेब और मानसिक शांति दोनों पर भारी पड़ रहे हैं। शहर के दर्जनों इलाकों से लगातार शिकायतें आ रही है कि स्मार्ट मीटर लगते ही बिजली खपत में अप्रत्याशित उछाल आ गया है और बिल पहले की तुलना में डेढ़ से दोगुना तक पहुंच रहे है। उपभोक्ताओं के इस बढ़ते आक्रोश और मीटर तेज भागने के आरोपों के बीच बिजली कंपनी ने अब शंका समाधान के लिए एक नया तरीका अपनाया है। कंपनी अब शिकायतकर्ता के परिसर में स्मार्ट मीटर के साथ समानांतर (पैरेलल) रूप से पुराना मीटर लगाकर दोनों की रीडिंग का तुलनात्म‌क परीक्षण कर रही है।

उपभोक्ताओं की लगातार आपत्तियों के बाद बिजली कंपनी की तकनीकी टीमें मौके पर पहुंचकर जांच कर रही है। परीक्षण के दौरान घर के उपकरणों को एक समान लोड पर चलाकर देखा जाता है कि निश्चित समय में स्मार्ट मीटर और पुराने मीटर ने कितनी-कितनी यूनिट दर्ज कीं। अधिकारियों का दावा है कि यदि परीक्षण में रीडिंग का कोई बड़ा अंतर या तकनीकी त्रुटि सामने आती है, तो मीटर को आगे विस्तृत लैब जांच के लिए भेजा जाता है।

उपयोग वही तो बिल क्यों बढ़ा…?

शहरवासियों का सीधा तर्क है कि उनके घर में न तो कोई नया एसी या फ्रिज जुड़ा है और न ही उपयोग के घंटों में बदलाव हुआ है। इसके बावजूद सिर्फ मीटर बदलते ही यूनिट्स की संख्या कैसे बढ़ गई ? दूसरी ओर, बिजली कंपनी के इंजीनियरों का तर्क है कि स्मार्ट मीटर डिजिटल और रियल-टाइम खपत दर्ज करते हैं। पुराने इलेक्ट्रोमैकेनिकल मीटर समय बीतने के साथ सुस्त हो जाते थे या कई बार औसत बिलिंग होती थी। नए मीटर में एक-एक वॉट की सटीक गणना हो रही है, जिसे उपभोक्ता तेज चलना समझ रहे हैं।

बिल अधिक आए तो उपभोक्ता क्या करें ?

-यदि बिल में अचानक असामान्य वृद्धि दिखे, तो नजदीकी बिजली जोन कार्यालय में विधिवत आवेदन देकर चेक मीटर लगवाने की मांग करें।
-बिजली कंपनी के मोबाइल ऐप के जरिए अपनी दैनिक खपत पर नजर रखें कि किस समय सबसे ज्यादा लोड दर्ज हो रहा है।
-कई बार अर्थिंग लीकेज या पुरानी वायरिंग में करंट लीकेज से भी स्मार्ट मीटर अतिरिक्त यूनिट दर्ज कर लेता है, किसी कुशल इलेक्ट्रीशियन से वायरिंग जरूर जांच कराएं।

उपभोक्ताओं की संतुष्टि के लिए जांच कराई जा रही है...

स्मार्ट मीटर तेज चलने की शिकायतें मिलने पर उपभोक्ताओं की संतुष्टि के लिए पुराने मीटर को साथ में लगाकर रीडिंग की जांच कराई जा रही है। आवश्यकता होने पर मीटर को लैब में भी परीक्षण के लिए भेजा जा रहा है। स्मार्ट मीटर के तेज चलने की धारणा एक भ्रांति है। जांच में यदि किसी मीटर में तकनीकी गड़बड़ी मिलती है तो नियमानुसार उसका निराकरण किया जाएगा। - संदीप कालरा, महाप्रबंधक, शहर वृत्त, बिजली कंपनी

7 जिलों में 2.33 लाख स्मार्ट मीटर स्थापित

ग्वालियर-चंबल संभाग में अब तक 2,33,520 स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं।

ग्वालियर शहर: 90,353 (अंचल में सबसे अधिक - 39%)
शिवपुरीः 33,253
गुनाः 32,329
ग्वालियर ग्रामीण : 26,438
मुरैनाः 23,123
दतियाः 18,664
श्योपुर: 9,360

Updated on:
20 Sept 2026 10:51 am
Published on:
20 Sept 2026 10:46 am