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मोबाइल की रोशनी में मार्च, मांगों पर अड़े छात्र; एलएनआइपीई में धरना

गुवाहाटी स्थित एलएनआइपीई सेंटर में अध्ययनरत छात्रा श्रुति उपाध्याय की मौत के बाद शुरू हुआ आंदोलन अब दसवें दिन भी जारी है। छात्र श्रुति के परिजन को 50 लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने और रजिस्ट्रार यतेन्द्र कुमार सिंह के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। पूर्व में कुलपति से छात्रों की चर्चा हो चुकी है, लेकिन इसके बाद भी आंदोलन समाप्त नहीं हुआ।
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एलएनआइपीई में छात्रा श्रुति उपाध्याय की मौत के मामले में विभिन्न मांगों को लेकर चल रहा छात्रों का धरना दसवें दिन भी जारी रहा।

ग्वालियर. एलएनआइपीई में छात्रा श्रुति उपाध्याय की मौत के मामले में विभिन्न मांगों को लेकर चल रहा छात्रों का धरना शुक्रवार को दसवें दिन भी जारी रहा। छात्र-छात्राओं ने कक्षाओं का बहिष्कार किया और शाम करीब 7 बजे परिसर में मोबाइल की रोशनी में मार्च निकालकर अपना विरोध दर्ज कराया। छात्रों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं होता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। गुवाहाटी स्थित एलएनआइपीई सेंटर में अध्ययनरत छात्रा श्रुति उपाध्याय की मौत के बाद शुरू हुआ आंदोलन अब दसवें दिन भी जारी है। छात्र श्रुति के परिजन को 50 लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने और रजिस्ट्रार यतेन्द्र कुमार सिंह के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। पूर्व में कुलपति से छात्रों की चर्चा हो चुकी है, लेकिन इसके बाद भी आंदोलन समाप्त नहीं हुआ।

कक्षाओं में नहीं पहुंचे छात्र, स्टाफ भी नहीं आया

शुक्रवार को भी कक्षाओं में छात्रों की मौजूदगी नहीं रही। छात्र-छात्राओं के अनुसार, आंदोलन के दौरान उनसे बातचीत करने या समझाने के लिए संस्थान का कोई स्टाफ मौके पर नहीं पहुंचा। लगातार दस दिन से चल रहे आंदोलन के बावजूद समाधान नहीं निकलने से छात्रों और संस्थान के बीच संवाद की स्थिति कमजोर होती जा रही है। शाम को छात्रों ने परिसर में मार्च निकाला। मोबाइल की फ्लैशलाइट जलाकर निकाले गए मार्च में बड़ी संख्या में छात्र शामिल हुए। छात्रों ने अपनी मांगों को लेकर एकजुटता दिखाई और कहा कि उनका आंदोलन शांतिपूर्ण तरीके से जारी रहेगा।

मांगों पर स्पष्ट निर्णय का इंतजार

छात्रों का कहना है कि केवल बातचीत से आंदोलन समाप्त नहीं होगा। उनकी मांगों पर स्पष्ट और ठोस कार्रवाई होने के बाद ही वे धरना और कक्षाओं के बहिष्कार को समाप्त करने पर विचार करेंगे। दूसरी ओर, संस्थान स्तर पर भी मामले को लेकर लगातार स्थिति पर नजर रखे जाने की बात सामने आ रही है।

कॉलेजों के समर्थन की चर्चा, आधिकारिक पुष्टि नहीं

आंदोलन लंबा खिंचने के बीच संस्थान स्तर पर कुछ कॉलेजों या उनसे जुड़े लोगों के पर्दे के पीछे से छात्रों को समर्थन देने की आशंका की चर्चा है। हालांकि, किसी कॉलेज या व्यक्ति की ओर से इस संबंध में आधिकारिक रूप से कोई पुष्टि नहीं की गई है। इसलिए इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।

स्टाफ के मोबाइल और कैमरों को लेकर भी चर्चाएं

आंदोलन के बीच शिक्षकों और स्टाफ के मोबाइल फोन को ‘सर्विस लॉस’ मोड में रखने की चर्चा भी सामने आई है। हालांकि, संस्थान की ओर से इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इसी तरह परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों के जरिए छात्रों, शिक्षकों और स्टाफ की गतिविधियों पर निगरानी बढ़ाए जाने की भी चर्चा है। कैमरों के संचालन को लेकर भी प्रबंधन की ओर से कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है।

कुछ शिक्षकों के नाम मंत्रालय भेजने की चर्चा

सूत्रों के अनुसार, आंदोलन के बीच कुछ शिक्षकों की भूमिका को लेकर भी संस्थान स्तर पर चर्चा चल रही है और ऐसे शिक्षकों के नाम मंत्रालय भेजे जाने की बात सामने आई है। हालांकि, अभी तक ऐसी कोई आधिकारिक सूची सामने नहीं आई है और न ही मंत्रालय स्तर से इसकी पुष्टि हुई है। ऐसे में इन दावों की पुष्टि आधिकारिक स्तर पर होना बाकी है। दसवें दिन भी छात्रों के आंदोलन के चलते एलएनआइपीई परिसर में सामान्य शैक्षणिक गतिविधियां प्रभावित रहीं। अब छात्रों और संस्थान के बीच अगले दौर की बातचीत और उसमें निकलने वाले समाधान पर सभी की नजरें हैं।