
फर्जी पासपोर्ट
ग्वालियर. बांग्लादेशी घुसपैठियों के पासपोर्ट बनाने में भोपाल के पासपोर्ट सेवाकेंद्र का कर्मचारी भी शामिल था। एजेंट नसीम ने केंद्र के इसी कर्मचारी को पैसा थमाकर नागपुर के 15 लोगों और रियाल उर्फ मित्यानंद भिक्षु के कहने पर 10 बांग्लादेशी घुसपैठियों के पासपोर्ट बनवाए थे। एसटीएफ के सामने एजेंट नसीम ने बताया कि पासपोर्ट बनाने का स्टैंडर्ड सिस्टम भले तय है, लेकिन पैसे देकर धड़ल्ले से पासपोर्ट बनवाता था। इस धंधे में रियाल चौधरी भी शामिल हो गया था। वह बांग्लादेशी घुसपैठियों से 30 हजार रुपए में पासपोर्ट का ठेका लेता था उसे 20 हजार रुपए थमाता था। नसीम को एसटीएफ ने दो दिन की रिमांड पर लिया है। उसके खुलासे पर पासपोर्ट सेवाकेंद्र के कर्मचारी को तलाशा जा रहा है। उधर सिमरिया (डबरा) के एक ही पते पर 17 पासपोर्ट बनवाने में चौकाने वाली बात सामने आई है कि 6 घुसपैठियों का सत्यापन ही नहीं हुआ है। बिना सत्यापन के पासपोर्ट इश्यू हुए हैं। ऐसे में सभी 17 पासपोर्ट का रेकार्ड तलब किया है।
बैंक ट्रांजेक्शन से लेकर विदेशी कनेक्शन की होगी जांच
दरअसल इस मामले में एसटीएफ की टीम एक साथ कई एंगल पर जांच कर रही है। जिसमें सबसे पहला बिंदु है फर्जी पासपोर्ट से की गई विदेश यात्राएं। यानी की जिन देशों में यात्राएं की गईं उसके पीछे का उदेश्य क्या था। क्या किसी भी प्रकार की देश विरोधी गतिविधियां हुई इसके अलावा इन्हें फडिंग कहां से हो रही थी।
पुलिस और खुफिया एजेंसियों की नाकामी
धर्म का चोला ओढकर घुसे बांग्लादेशी घुसपैठियों ने सुरक्षा और खुफिया एजेंसियों के दावों को खोखला साबित किया है। 17 बांग्लादेशी घुसपैठिए प्लानिंग से सिमरिया गांव , आंबेडकर पार्क और तथागत बुद्ध विहार में डेरा जमाए रहे जबकि टेकनपुर बीएसएफ अकादमी सिमरिया गांव से करीब आठ किलोमीटर की दूरी पर है। डबरा थाना पुलिस और खुफिया विभाग को भनक तक नहीं लगी। बल्कि लोकल स्पीलर सेल की मदद से घुसपैठिए सिमरिया गांव के मूल निवासी बनकर पासपोर्ट बनवाकर चकमा दे गए।
घुसपैठियों का पासपोर्ट बनवाने वाले एजेंट की तलाश
भोपाल में अशोका बौद्ध विहार के पते पर 10 बांग्लादेशी घुसपैठियों के पासपोर्ट बनवाने वाले एजेंट नसीम अख्तर को एसटीएफ ने दो दिन की रिमांड पर लिया है। पूछताछ में नसीम धंधे की परतें खोल रहा है लेकिन डबरा के पते पर 17 बांग्लादेशी घुसपैठियों के पासपोर्ट बनवाने से मुकर रहा है। एसटीएफ अधिकारियों का कहना है मास्टरमाइंड रियाल चौधरी ने इन घुसपैठियों के पासपोर्ट लोकल एजेंट से साठगांठ कर बनवाए हैं।
जन्म और मृत्यु के नकली सर्टिफिकेट, क्यूआर नहीं हुआ स्कैन
पासपोर्ट बनवाने की प्रक्रिया के दौरान सामने आए पांच सर्टिफिकेट की असलियत जांचने के लिए गुरुवार को एसटीएफ बीएमसी की बर्थ एंड डेथ रजिस्ट्रेशन ब्रांच गई। अधिकारियों ने दो घंटे रिकॉर्ड की जांच की अब निगम उन महीनों में बने पुराने सर्टिफिकेट की फिर से जांच कर रही है। जन्म और मृत्यु पंजीकरण शाखा के रजिस्ट्रार सत्यप्रकाश बड़गैया ने बताया कि सर्टिफिकेट निगम की तरह जारी असली दस्तावेज जैसे ही दिख रहे थे। उन पर छपे क्यू आर और बार कोड स्कैन नहीं हो पाए।
रिमांड पर एजेंट, 17 पासपोर्ट आवेदन की जांच
पासपोर्ट सेवा केंद्र में साठगांठ से पासपोर्ट बनवाने एजेंट को दो दिन की रिमांड पर लिया है। उसने पूछताछ में पासपोर्ट सेवाकेंद्र में साठगांठ का खुलासा किया संदेही को तलाशा जा रहा है। डबरा से बने सभी 17 पासपोर्ट की फाइल में लगे कुछ दस्तावाजों को जांचा गया है अब इनकी फाइलों की बारीकि से जांच की जाएगी।
राहुल लोढ़ा, डीआइजी एसटीएफ भोपाल
Updated on:
19 Sept 2026 06:06 pm
Published on:
19 Sept 2026 06:06 pm
