
ग्वालियर. रेलवे स्टेशन के यार्ड में सोमवार- मंगलवार की रात को रेलवे कर्मचारियों और अधिकारियों की बड़ी लापरवाही सामने आई। गुना पैसेंजर ट्रेन को यार्ड में ले जाते समय (शंटिंग के दौरान) अचानक इंजन पटरी से उतर गया। गनीमत यह रही कि यह घटना मुख्य लाइन पर न होकर यार्ड के भीतर हुई, वरना एक बड़ा और भीषण रेल हादसा हो सकता था। हैरानी की बात यह है कि रेलवे के जिम्मेदार अधिकारी इस गंभीर चूक को पूरी तरह से दबाने और छुपाने में लगे रहे। सीनियर डीएसओ के अचानक ग्वालियर पहुंचने से इस लापरवाही का राज खुलकर सामने आ गया।
इस घटना के बाद शाम को झांसी से सीनियर डीएसओ (डिविजनल सेफ्टी ऑफिसर) गिरीश कंचन, मूमेंट इंस्पेक्टर एसएस यादव गतिमान से ग्वालियर आए और यार्ड में जाकर इस ड्रिलमेंट को देखा। संबंधित अधिकारियों से इस संबंध में बातचीत भी की और वंदे भारत से झांसी के लिए रवाना हो गए। लेकिन यह सभी इस मामले को सिरे से छिपाते रहे।
यार्ड में यह घटना सोमवार रात 11.45 बजे के आसपास की है। इस घटना के बाद रेलवे के जिम्मेदार अधिकारी स्टेशन मैनेजर गजेंद्र राठौर सहित अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे। सूत्रों के अनुसार लोको नंबर (इंजन) 11293 पटरी से उतरा था। इसको लेकर रात में ही एआरटी वाहन भी आया और इसे लगभग 1.45 बजे तक सही कर लिया गया।
अगर इस तरह की घटना हुई है तो इसे दिखवाया जाएगा। अभी बाहर हूं बुधवार को पहुंचकर मामले की जानकारी लूंगा।
अनिरुद्व कुमार, डीआरएम