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gwalior : पुलिस और बिजली विभाग को ‘ऑक्सीजन’ चाहिए: सिलेंडर लेकर एसएसपी दफ्तर पहुंचा विद्युतकर्मी का बेटा

विद्युत दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल पिता को चार महीने बाद भी न्याय नहीं मिलने से नाराज बेटा ऑक्सीजन सिलेंडर लेकर एसएसपी कार्यालय की जनसुनवाई में पहुंचा। युवक का आरोप है कि बिजली विभाग के पांच अधिकारियों-कर्मचारियों की लापरवाही से उसके पिता हादसे का शिकार हुए। चार महीने से एफआइआर दर्ज कराने के लिए थाने और पुलिस अधिकारियों के चक्कर लगाने के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई। विरोध के अनोखे तरीके में युवक ने कहा कि पुलिस और बिजली विभाग को ‘ऑक्सीजन’ की जरूरत है, इसलिए वह सिलेंडर लेकर आया है। पिता का अब भी इलाज चल रहा है और परिवार लाखों रुपए खर्च कर चुका है।
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जनसुनवाई में अनोखे तरीके से जताया विरोध, चार महीने से एफआइआर के लिए काट रहा थाने से एसएसपी ऑफिस तक के चक्कर

ग्वालियर। विद्युत दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल पिता को चार महीने बाद भी न्याय नहीं मिलने से नाराज एक युवक मंगलवार को कंधे पर ऑक्सीजन सिलेंडर लेकर एसएसपी कार्यालय की जनसुनवाई में पहुंच गया। युवक के इस अनोखे विरोध को देखकर पुलिसकर्मी और वहां मौजूद लोग हैरान रह गए। युवक का कहना था कि उसके पिता की हालत के लिए बिजली विभाग के पांच अधिकारी-कर्मचारी जिम्मेदार हैं, लेकिन चार महीने से शिकायत करने के बावजूद पुलिस ने एफआइआर दर्ज नहीं की है। इसलिए उसे लगा कि पुलिस और बिजली विभाग को ‘ऑक्सीजन’ की जरूरत है।

गोल पहाड़िया निवासी हिमांशु शर्मा जब कंधे पर ऑक्सीजन सिलेंडर लेकर एसएसपी कार्यालय पहुंचा तो पुलिसकर्मियों ने उसे कंट्रोल रूम के गेट पर रोक लिया। पूछताछ में उसने बताया कि उसके पिता हरिओम शर्मा विद्युत विभाग में कर्मचारी हैं। 28 अप्रैल को वे बिरलानगर लाइन नंबर-1 पर ड्यूटी कर रहे थे। इसी दौरान विद्युत दुर्घटना में वे गंभीर रूप से घायल हो गए।

सिर में गंभीर चोट, चार महीने से चल रहा इलाज

हिमांशु के अनुसार हादसे में उसके पिता के सिर का पीटीआर फट गया था। उसकी बुशिंग की वजह से सिर में गहरा जख्म हुआ। हालत गंभीर होने पर ऑपरेशन किया गया, जिसमें सिर और गर्दन के बीच की कुछ हड्डियां तक निकालनी पड़ीं। पिछले चार महीने से उनका इलाज चल रहा है।

परिवार का दावा है कि अब तक इलाज में करीब 19 लाख रुपए खर्च हो चुके हैं। हिमांशु का आरोप है कि बिजली विभाग की ओर से महज 6.23 लाख रुपए का चेक देकर जिम्मेदारी पूरी कर ली गई।

पांच अधिकारियों-कर्मचारियों पर लापरवाही का आरोप

हिमांशु ने बिजली विभाग की उपमहाप्रबंधक एसटीसी प्रीति बरैया, बिरलानगर जोन के प्रबंधक रोहित सिंह, प्रबंधक एसटीएम अजय नामदेव, सहायक प्रबंधक एसटीसी शशांक कुलश्रेष्ठ और सब स्टेशन ऑपरेटर मोहसिन बेग पर लापरवाही का आरोप लगाया है।

उसका कहना है कि इन अधिकारियों-कर्मचारियों की लापरवाही के कारण ही उसके पिता हादसे का शिकार हुए। इनके खिलाफ एफआइआर दर्ज कराने के लिए वह चार महीने से हजीरा थाने से लेकर एसएसपी कार्यालय तक चक्कर काट रहा है, लेकिन अब तक कार्रवाई नहीं हुई।

‘छोटे हादसे में केस दर्ज, पिता चार महीने से जिंदगी-मौत से जूझ रहे’

हिमांशु ने कहा कि छोटे से हादसे में भी पुलिस केस दर्ज कर लेती है, लेकिन उसके पिता चार महीने से जिंदगी और मौत से जूझ रहे हैं। इसके बावजूद जिम्मेदारों के खिलाफ एफआइआर दर्ज नहीं की जा रही। उसने कहा कि पुलिस को उसकी शिकायत पर भरोसा नहीं है तो वह अपने पिता को अस्पताल से एसएसपी कार्यालय तक लाने के लिए तैयार है।

शिकायत मिली, जांच के बाद होगी कार्रवाई

सीएसपी महाराजपुरा सर्किल नागेंद्र सिंह सिकरवार ने बताया कि विद्युतकर्मी ड्यूटी के दौरान हादसे में घायल हुए हैं। उनके बेटे ने बिजली विभाग के अधिकारियों को घटना के लिए जिम्मेदार बताते हुए शिकायत की है। मामले की जांच कराई जाएगी और जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।