Heart Attack: मां-बेटी के बीच बढ़ते विवाद को देखकर अनिल कपूर दोनों को शांत कराने पहुंचे। इसी दौरान अचानक उनके सीने में तेज दर्द उठा और वह जमीन पर गिर पड़े।
Heart Attack: एमपी के ग्वालियर शहर में और बेटी के बीच तकरार में पिता की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। मृतक हार्ट पेशेंट बताया गया है। आशंका है कि पत्नी और बेटी के बीच चीख-पुकार में उनकी हालत बिगड़ी और हार्ट अटैक आने से मौत हुई है। पुलिस का कहना है कि मृतक के शव की पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मौत की सही वजह सामने आएगी। वैकुंठ अपार्टमेंट, चिटनिस की गोठ, कोतवाली निवासी अनिल कपूर की सोमवार को संदिग्ध हालात में मौत हो गई। अनिल पत्नी रितु और बेटी मानसी के साथ रहते थे। मानसी की दो महीने पहले शादी हुई है। वह मायके आई थी।
बीते दिन रितु और मानसी में बिस्तर पर सोने को लेकर विवाद हुआ था। इससे घर में हंगामा मच गया। अनिल ने पत्नी और बेटी को काबू करने का प्रयास किया। इसमें पत्नी से भी झड़प हो गई। कहासुनी के दौरान अनिल की हालत बिगड़ी और वह लड़खड़ाकर गिर पड़े। उनकी वहीं मौत हो गई। अनिल कपूर हार्ट पेशेंट थे। आशंका है कि कहासुनी के दौरान उन्हें दिल का दौरा पड़ा है।
मां-बेटी के बीच बढ़ते विवाद को देखकर अनिल कपूर दोनों को शांत कराने पहुंचे। इसी दौरान अचानक उनके सीने में तेज दर्द उठा और वह जमीन पर गिर पड़े। परिजन तुरंत उन्हें अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों ने शुरुआती तौर पर हार्ट अटैक से मौत की आशंका जताई है।
कोतवाली थाना प्रभारी मोहनी वर्मा का कहना है कि अनिल कपूर की पहली पत्नी कंचन की सात साल पहले मौत हो चुकी है। रितु से अनिल की दूसरी शादी हुई थी। रितु के पहले पति वीरेन्द्र की भी मौत हो चुकी है। मानसी रितु की ही बेटी है। अनिल कोई संतान नहीं थी। मानसी को अनिल ने रितु से शादी के बाद गोद लिया था। अनिल की मौत पर मर्ग कायम किया गया है। शव का परीक्षण कराया जाएगा। पीएम रिपोर्ट से मौत की वजह साफ होगी।
इस मामले में मनीष यादव सीएसपी का कहना है कि मां बेटी के बीच विवाद हो रहा था इस दौरान पिता दोनों को समझाने का काम कर रहे थे। तभी उनकी तबीयत बिगड़ गई। वे हार्ट पेशेंट भी थे, मर्ग कायम कर जांच
शुरू कर दी गई है।
एक्सपर्ट का कहना है कि हमारा हार्ट सिर्फ ब्लड पंप करने का काम नहीं करता। यह पूरे शरीर को ऑक्सीजन और पोषक तत्व पहुंचाता है। अगर ब्लड वेसल्स में ब्लॉकेज या कमजोरी आ जाए तो पूरा सिस्टम प्रभावित होता है। इसलिए समय-समय पर टेस्ट करवाने कराते रहना चाहिए। युवावस्था से मध्यम आयु तक शारीरिक गतिविधि धीरे-धीरे कम होती जाती है और फिर लगभग थम जाती है। हालांकि, जिन्हें कोई हार्ट डिजीज होती है, उनमें यह गिरावट ज्यादा पहले और तेज होती है।