ग्वालियर

Gwalior news: समय रहते फाइल कर दें ITR, नहीं तो लग सकती है 1-5 हजार की पेनल्टी

Tax Return: अगर आपने अभी तक टैक्स रिटर्न (आइटीआर) फाइल नहीं किया है तो तुरंत भर दें नहीं तो आपको तगड़ी फीस देनी पड़ सकती है।
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Income Tax Return:
Tax Return: समय रहते कर दें रिटर्न दाखिल (Photo Source- freepik)

Tax return deadline: अगर आप भी अभी तो बहुत वक्त है… वाली खुमारी में जी रहे है, तो थोड़ा संभलना पड़ेगा। देश में इनकम टैक्स रिटर्न (आइटीआर) फाइल करने की एक्सप्रेस ट्रेन बुलेट की रफ्तार पकड़ चुकी है। आयकर विभाग के ई-फाइलिंग पोर्टल पर आंकड़ों का मीटर इतनी तेजी से घूम रहा है कि लापरवाही बरतने वालों के पसीने छूट सकते हैं।

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, अब तक 1.30 करोड़ से ज्यादा लोग रिटर्न दाखिल कर चुके है और चौकाने वाली बात यह है कि इनमें से 1.24 करोड़ से अधिक समझदारों ने इसका वेरिफिकेशन भी निपटा लिया है। आखिरी दिनों की तकनीकी परेशानी और लेट फीस के जुर्माना से बचने समय रहते टैक्स रिटर्न दाखिल करना होगा।

एक्सपर्ट व्यू : समय रहते कर दें रिटर्न दाखिल

इस बार विभाग की ओर से करदाताओं के लिए अलग-अलग तिथियां निश्चित की गई हैं। ऐसे में करदाताओं को समय रहते ही अपना आयकर रिटर्न दाखिल कर लेना चाहिए। अंतिम समय का इंतजार न करें तो बेहतर होगा क्योंकि ऐसे में लेट होने पर लगने वाली फीस और ब्याज का अतिरिक्त बोझ पड़ सकता है। साथ ही, हानियों के समायोजन से भी हाथ धोना पड़ सकता है। - पंकज शर्मा, चार्टर्ड अकाउंटेंट, ग्वालियर

याद रखें-केवल फॉर्म भरना काफी नहीं है…

अगर आपने रिटर्न दाखिल कर दिया लेकिन उसका ई-वेरिफिकेशन नहीं किया, तो आयकर विभाग उसे रद्दी का टुकड़ा मानेगा। रिटर्न भरने के तुरंत बाद आधार ओटीपी, नेट बैंकिंग या अन्य माध्यमों से इसे वेरिफाई जरूर करें।

ढिलाई की तो जेब पर चलेगी कैंची

जुर्माने का झटका : नियत तिथि के बाद रिटर्न भरने पर अधिकतम 5,000 रुपए तक की लेट फीस ठोंकी जा सकती है। हालांकि, छोटे करदाताओं (जिनकी कुल आय 5 लाख रुपए तक है) को थोड़ी राहत है, उनके लिए यह जुर्माना अधिकतम 1,000 रुपए तक सौमित रहेगा।

ब्याज का मीटर चालू : यदि आप पर कोई टैक्स बकाया है, तो तारीख निकलते ही 1 प्रतिशत प्रति माह की दर से ब्याज का मीटर चालू हो जाएगा।

नो कैरी फॉरवर्ड नो गेन: सबसे बड़ा नुकसान यह होगा कि आप व्यापारिक हानियों को अगले वर्षों में समायोजित (कैरी फॉरवर्ड) नहीं कर पाएंगे। यानी इस साल का घाटा, भविष्य का मुनाफा नहीं काट पाएगा।

जानिए आपकी वाली अंतिम तारीख कौन सी है ?

नौकरीपेशा, पेंशनभोगी और व्यक्तिगत करदाता (जिनका ऑडिट जरूरी नहीं है)- 31 जुलाई 2026
व्यवसायी और प्रोफेशनल्स (जिन पर ऑडिट लागू नहीं होता)- 31 अगस्त 2026
टैक्स ऑडिट के दायरे में आने वाले खाते (बिजनेस/फर्म)- 31 अक्टूबर 2026
ट्रांसफर से जुड़े विशेष मामले- 30 नवंबर 2026

Updated on:
06 Jul 2026 05:58 pm
Published on:
06 Jul 2026 05:58 pm