Gwalior News: लाल टिपारा गोशाला में 31 करोड़ की लागत से बना है प्लांट, प्रतिदिन दो टन बनेगी गैस, कंपनी द्वारा 70 रुपए किलो के हिसाब से गैस खरीद कर बेची जाएगी
Gwalior News: नगर निगम की लाल टिपारा गोशाला में इंडियन ऑयल काॅर्पोरेशन (आईओसीएल) द्वारा बायो सीएनजी प्लांट से अब गैस की बिक्री की जा सकेगी। गेल कंपनी के साथ दस साल के लिए एग्रीमेंट हो गया है और कंपनी द्वारा 70 रुपए किलो के हिसाब से गैस खरीद कर बेची जाएगी। कंपनी द्वारा गैस बेचने का कार्य अगले सप्ताह से किया जाएगा। वहीं एग्रीमेंट होने से अब प्रतिदिन हवा में उड़ाई जा रही 65000 किलो गैस भी बंद हो जाएगी।
अभी प्लांट में प्रतिदिन 50 टन गोबर से 600 से 700 किलो गैस तैयार की जा रही थी, लेकिन अब 50 किलो गोबर गौशाला से और 50 किलो गोबर शहर से आने से दो टन गैस तैयार होगी। बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2 अक्टूबर 2024 को लाल टिपारा में लगभग तीन हेक्टेयर जमीन पर बनाए गए बायो सीएनजी प्लांट का उदघाटन किया था।
गैस बिक्री के लिए बीते दिनों मेयर इन काउंसिल (एमआईसी) द्वारा बिक्री की स्वीकृति दी गई थी। हालांकि पूर्व में भी एमआईसी के पास प्रस्ताव भेजा गया था, लेकिन प्लांट के ऑपरेशन एंड मैनेजमेंट और गैस बेचने का प्रस्ताव एक ही भेजे जाने पर एमआईसी ने उसे स्वीकृति नहीं दी थी और प्रस्ताव को वापस लौटा दिया था।
गोशाला में लगाए गए बायो सीएनजी प्लांट से गैस खरीदने के लिए गेल कंपनी द्वारा एग्रीमेंट किए जाने से वह अब 70 रुपए किलो के हिसाब से गैस लेगी। हालांकि इसके रेट बाद में और बढ़ाए जाएंगे। प्लांट से प्रतिदिन दो टन गैस बनेगी और इससे करीब 200 गाडिय़ा चल सकेंगी।
इंडियन ऑयल कार्पोरेशन द्वारा नगर निगम की आदर्श गोशाला में 31 करोड़ की लागत से बायो सीएनजी गैस प्लांट लगाया गया है। इस प्लांट में प्रतिदिन दो टन (2000) किलो गैस तैयार होगी। इस गैस को बनाने के लिए प्रतिदिन 100 टन गोबर भी लगेगा।
बायो सीएनजी गैस प्लांट बनने के बाद इसके संधारण एवं संचालन (ऑपरेशन एंड मैनेजमेंट) का टेंडर किया गया है और यह कार्य पुणे की कंपनी नटजन इंजीनियरिंग सॉल्युशन प्राइवेट लिमिटेड को दिया गया है। कंपनी हर साल 2.54 करोड़ रुपए में एक साल के लिए यह कार्य लिया है और वह प्लांट की पूरी देखरेख करेगी।
बायो सीएनजी गैस बेचने के लिए गेल के साथ एग्रीमेंट हो चुका है। अब कंपनी अगले सप्ताह से गैस बेचने का कार्य करेगी। यह एग्रीमेंट दस साल के लिए हुआ है।
-शैलेंद्र सक्सेना, नोडल अधिकारी, बायो सीएनजी गैस प्लांट