MP News: एयरपोर्ट पर सीमित उड़ानों के खिलाफ दायर जनहित याचिका पर हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार और एयरलाइंस कंपनियों को नोटिस जारी कर चार सप्ताह में जवाब मांगा है।
MP News: एयरपोर्ट से हवाई सेवाएं बंद रहने के मामले में दायर जनहित याचिका पर हाईकोर्ट की युगल पीठ ने केंद्र सरकार, नागरिक उड्डयन मंत्रालय और संबंधित एयरलाइंस कंपनियों को नोटिस जारी कर चार सप्ताह में जवाब मांगा है। कोर्ट ने एयरपोर्ट पर नियमित उड़ान सेवाएं बंद रहने पर चिंता भी जताई। यह जनहित याचिका क्रेडाई अध्यक्ष सुदर्शन झवर द्वारा दायर की गई है।
याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता सिद्धार्थ सिजौरिया ने पक्ष रखते हुए बताया कि ग्वालियर एयरपोर्ट (Gwalior Airport) से हवाई यात्रा करने वाले यात्रियों की संख्या में करीब 25 से 26 प्रतिशत तक वृद्धि हुई है, बावजूद इसके शहर को पर्याप्त हवाई सेवाओं का लाभनहीं मिल रहा। उन्होंने कोर्ट को बताया कि केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा छोटे शहरों को हवाई नेटवर्क से जोड़ने के लिए नीतियां बनाई गई है, लेकिन ग्वालियर को इन योजनाओं का अपेक्षित लाभनहीं मिल पा रहा है। मध्यप्रदेश एविएशन पॉलिसी लागू होने के बावजूद प्रमुख शहरों के लिए नियमित उड़ानें उपलब्ध नहीं है।
सुनवाई के दौरान यह तथ्य भी सामने आया कि वर्ष 2013 में हवाई सेवा को लेकर एक जनहित याचिका दायर की गई थी, जो वर्तमान में सुप्रीम कोर्ट में लंबित है। इस पर कोर्ट ने दूसरी जनहित याचिका की सुनवाई योग्यता पर विचार किया। याचिकाकर्ता ने नगर निगम के खाते में 25 हजार रुपए जमा करने की सहमति दी, जिसके बाद राशि जमा कर दी गई और कोर्ट ने याचिका को सुनवाई योग्य मानते हुए नोटिस जारी कर दिए।
ग्वालियर एयरपोर्ट का निर्माण लगभग 450 करोड़ रुपए की लागत से किया गया है, लेकिन सुविधाओं के अनुरूप उड़ान सेवाएं उपलब्ध नहीं हैं। देश के कई बड़े शहरों के लिए सीधी हवाई सेवा नहीं होने से यात्रियों को रेल या सड़क मार्ग से सफर करने को मजबूर होना पड़ रहा है। त्योहारी सीजन और आगामी गर्मी की छुट्टियों में यात्रियों की संख्या बढ़ने की संभावना है, लेकिन नियमित हवाई सेवाओं के अभाव में लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। (MP News)