
Gwalior Nagar Nigam Bribery Case- ग्वालियर के नगर निगम के दफ्तर में गुरुवार को सुबह उस समय हड़कंप मच गया जब एक बड़े अधिकारी को लोकायुक्त ने रिश्वत के रुपयों के साथ पकड़ लिया। यह अधिकारी अगले दिन शुक्रवार को यानी 31 जुलाई 2026 को ही सेवानिवृत्त होने वाले थे। यह रिश्वत उनकी आखिरी साबित हुई।
ग्वालियर नगर निगम में गुरुवार को सुबह से ही हलचल थी। यहां जलकार्य विभाग कार्यपालन यंत्री सुशील कटारे अपने दफ्तर में थे। बताया जा रहा है कि इसी विभाग से पूर्व में सेवानिवृत्त हुए प्रेम पचौरी के बेटा सचिन पचौरी नगर निगम में कांट्रेक्ट लेता है। ठेकेदार सचिन पचौरी का 36 लाख रुपए का पेमेंट लंबे समय से अटका हुआ था। उसे निकालने के लिए सुशील कटारे एक प्रतिशत के हिसाब से कमीशन मांग रहे थे। वे 30 हजार रुपए ले चुके थे, लेकिन गुरुवार को सुबह 6 हजार रुपए लेना बाकी था। नगर निगम के पूर्व अधिकारी प्रेम पचौरी और सुशील कटारे के बीच पहले भी मतभेद रह चुके हैं। इसके बाद प्रेम पचौरी के बेटे सचिन ने गुरुवार को उनके कक्ष में जैसे ही सुशील कटारे के हाथ में 6 हजार रुपए दिए, नगर निगम दफ्तर में पहले से मौजूद लोकायुक्त टीम ने इशारा पाते ही कटारे को दबोच लिया। कटारे के जेब से लोकायुक्त के निशान लगे हुए नोट निकलवाए गए और हाथ धुलवाए गए तो वो रिश्वत के पैसों से रंगे हुए मिले।
नगर निगम के कार्यपालन यंत्री सुशील कटारे एक दिन बाद यानी 31 जुलाई 2026 को अपने विभाग से रिटायर होने वाले थे। कल उनके रिटायरमेंट के अवसर पर विदाई पार्टी भी होने वाली थी। लेकिन, उससे 24 घंटे पहले सुशील कटारे अंतिम रिश्वत ले रहे थे और पकड़ा गए। खास बात यह भी है कि हाल ही में असिस्टेंट इंजीनियर (AE) से सुशील कटारे का प्रमोशन हुआ है और वे एक्जीक्यूटिव इंजीनियर (EE) बनाए गए थे।